03orai05उरई। अवैध शराब की तस्करी पर जिले में रोक नही लग पा रही। मार्च के महीने तक जब उत्तर प्रदेश की शराब के भाव आसमान पर थे। तब दूसरे राज्यों की सस्ती शराब जिले में खपाने का धंधा चरम सीमा पर पहुंच गया था। इसके बाद शराब की तस्करी में गिरावट तो आई है। लेकिन आज हरियाणा की शराब की खेप लेकर आ रहे दो अल्टो सवार पकड़े जाने से यह साबित हो गया है कि अभी शराब की तस्करी के खेल पर पूर्णविराम नही लग पाया है।
सीओ सिटी डाॅ. जंगबहादुर सिंह यादव ने आज अपने कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में बताया कि एसटीटी टीम और चैकी प्रभारी कांशीराम कालौनी ने मुखबिर की सूचना पर रिनियां रेलवे फाटक के पास घेराबंदी की। इस दौरान शराब लेकर आ रही अल्टो कार को जैसे ही उन्होंने रोका कार चालक ने पुलिस की जीप में टक्कर मारकर निकल भागने का प्रयास किया। (कार द्वारा जीप में टक्कर मारने की कहानी कुछ जमी नही। एसपी साहब कुछ अच्छे कहानीकारों को विभाग में चुने तांकि मखौल न उड़ सके।)
बहरहाल कार आगे बढ़ने के बाद सड़क किनारे मिटटी में फंस गई जिससे पुलिस पार्टी को उसे घेरने का मौका मिल गया। कार से हरियाणा की देशी शराब के 1056 क्वार्टर बरामद किये गये। कार में दो लोग सवार थे जिन्हें पकड़ लिया गया है। इनमें 26 वर्षीय पुष्पेंद्र सिंह निवासी सेरसा थाना पूंछ जनपद झांसी और 38 वर्षीय हीरलाल निवासी कायला थाना पूंछ जनपद झांसी शामिल हैं। सीओ सिटी के अनुसार कार में लगी नंबर प्लेट फर्जी पाई गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने गुडवर्क में शामिल उपनिरीक्षक मो. आरिफ और अनुराग सिंह, कांस्टेबिल सत्येंद्र सिंह, अमित, सच्चिदानंद, सुरेश कुमार व रिजवान अहमद की हौसला अफजाई की है।

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