उरई। बिजली विभाग पर खाकी का भी जोर नही चलता। जेल चैकी में सोमवार को सुबह 8 बजे से ठप्प बिजली को सुधारने के लिए चैकी इंचार्ज के विभागीय अभियंताओं को बार-बार किये गये फोन का कोई भी असर नही हुआ। मंगलवार को शाम तक वे बिजली न होने से चैकी में बैठे-बैठे पसीने से तरबतर होकर बेहाल हो गये।
पुलिस के सामने अच्छे-अच्छे पानी मांग जाते हैं लेकिन कभी-कभी पुलिस वालों को भी दयनीय हालत में पहुंच जाना पड़ता है। सोमवार को जेल चैकी की सप्लाई लाइट टूट गई। जिससे चैकी की बिजली गुल हो गई। चैकी इंचार्ज मिथलेश कुमार और उनके सहयोगी भीषण गर्मी के कारण बिना बिजली के त्राहि-त्राहि करने लगे। उन्होंने गिड़गिड़ाने के अंदाज में जेई से बिजली सुधरवाने के लिए मोबाइल पर बात की लेकिन कोई नही आया। इसके बाद उन्होंने लाइनमैन से सीधा संपर्क किया लेकिन उसने भी पुलिस को किसी भाव नही समझा। क्या अब मौका पड़ेगा तो चैकी इंचार्ज बिजली के जेई और लाइनमैन को पुलिस के दिव्यरूप के दर्शन करायेंगे।






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