cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। मोहल्ला नया रामनगर में एक हफ्ते से बिजली की आंख मिचैली ने लोगों को रोने के लिए मजबूर कर दिया है। मोहल्ले के लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। प्रशासन से शिकायत करने का भी कोई लाभ होता नही दिख रहा है।
बुंदेलखंड को अधिकतम् और जिला मुख्यालय पर 22 घंटे बिजली की आपूर्ति करने का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फरमान जिले में औंधे मुंह पड़ा नजर आ रहा है। हर समय फाल्ट के कारण आकस्मिक कटौती होती रहती है। जबकि मायावती शासनकाल में जब 20 घंटे के आपूर्ति के आदेश थे तब जर्जर ढांचे के बावजूद कोई फाल्ट नही होता था। मुख्यमंत्री के आदेश का पालन न हो पाने को उनकी प्रशासनिक क्षमता से जोड़ा जा रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री की फजीहत कराकर उनके कहर को आमंत्रित क्यो किया जाये इस तरह का कोई खौफ न तो बिजली विभाग में है और न ही अधिकारियों में।
सबसे बुरी स्थिति जिला मुख्यालय पर रामनगर मोहल्ले की है। जहां हर आधा घंटे में फाल्ट होता है और इसके काफी देर बाद फिर झलक दिखला जा की तर्ज पर बिजली कुछ देर के लिए आती है और चली जाती है। रात में भी यह क्रम जारी रहता है। जिससे लोगों की नींद उड़ चुकी है। पेयजल आपूर्ति भी गड़बड़ाई बिजली व्यवस्था के कारण प्रभावित है। नौनिहालों तक को अपनी लिखाई-पढ़ाई और खेलकूंद छोड़कर दूर से पानी भरकर लाने में ऊर्जा खपानी पड़ रही है। पीड़ित मोहल्ले वालों ने मंडलायुक्त से मांग की है कि वे हस्तक्षेप कर बिजली आपूर्ति को सुचारू करवायें क्योंकि जिला प्रशासन शोपीस बनकर रह गया है जिससे उसके द्वारा किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नही की जा सकती।

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