cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। खाद्य सुरक्षा अधिनियम की भावना को जिले में खूंटी पर लटका दिया गया है। दूसरी ओर तहसील से लेकर जिले तक इस मामले में भुखमरी की कगार पर खड़े पीड़ितों की करुण कहानी सुनना तक अधिकारियों को गंवारा नही है। ग्राम शहजादपुरा और रूरामल्लू के ग्रामीण अलग-अलग बुधवार को जिला मुख्यालय पर मनमाने ढंग से अंत्योदय कार्ड धारकों के नाम काटे जाने की शिकायत करने आये। हालांकि उनका कहना यह था कि उन्हें उम्मीद नही है कि कुछ होगा। जिले की सबसे आला हाकिम तो किसी शिकायती पत्र पर एनए लिखना तक गंवारा नही करतीं। ऐसे में समूचा तंत्र निरंकुश हो गया है, तो इसमें कोई अजीब बात नही है।
जालौन विकास खंड के रूरा मल्लू गांव से आये अनिल कुमार, अजय कुशवाहा, राजीव कुमार, रोहित, शिखर चंद्र, वीरू कुमार, रामकुमार, गुडडा आदि ने बताया कि मीरा पत्नी इंद्रपाल और ऊषा पत्नी दिलीप कुमार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां हैं जिनके पास पक्के मकान हैं और अन्य साधन भी। लेकिन उनको सफेद कार्ड जारी कर दिया गया जबकि उन लोगों के नाम गरीब होते हुए भी अंत्योदय सूची से हटा दिये गये। इसकी शिकायत जिलाधिकारी तक से पहले कर चुके हैं लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नही हुई।
उधर इसी विकास खंड के शहजादपुरा निवासी ग्रामीणों ने बताया कि उर्मिला पत्नी घड़सौली, मातादीन पुत्र पन्ना लाल, रज्जाक पुत्र इमाम बख्स, मदार बख्स पुत्र गौस मुहम्मद आदि के नाम नेट पर अंत्योदय सूची में दर्ज है जबकि उन्हें खाद्य सामग्री का कोई पैकेट नही मिला। दूसरी ओर गुडडी पत्नी मलखान, रजिया बानो पत्नी रजा मुहम्मद, शबाना पत्नी कमरूददीन, सीमा पत्नी बुद्ध प्रकाश आदि को नेट सूची में नाम न होने और अच्छी खासी हैसियतदारी के बावजूद खाद्य सामग्री दे दी गई है। शिकायत करने आये यहां के ग्रामीणो का भी कहना था कि डीएम साहिबा प्रार्थनापत्र लेकर उन्हें चलता कर देती हैं। जिससे शिकायत करने वाले लोग निराश हो उठे हैं। आज उन्होंने अपना प्रार्थनापत्र एडीएम आनंद कुमार को दिया। आनंद कुमार ने कहा कि जांच कर आरोप सही होने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।

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