cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट मनोज शुक्ला ने शुक्रवार को महिला की लाठी-डंडों से पिटाई के मामले में अभियुक्त को एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दिलाई जुर्माने में से सात सौ रुपये पीड़िता को दिलाने का अनोखा फैसला सुना डाला।
सिरसा कलार थाने के निपनियां गांव में 5 सितंबर 2007 को बाबू सिंह द्वारा गांव की ही मिथला को खेत पर डंडों से पीट दिया गया था। पुरानी रंजिश की वजह से कहा सुनी के बाद तैश में बाबूसिंह ने यह कदम उठा दिया लेकिन इसके पीछे कोई गंभीर आपराधिक भावना नही थी। यह मुकदमा थाने में पहले सेक्शन 323, 504 व 506 यानि गैर दस्तदांज जुर्म के रूप में पंजीबद्ध किया गया। लेकिन बाद में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इसमें 324 और 308 के सेक्शन बढ़ा दिये गये।
ट्राॅयल में विशेष न्यायाधीश मनोज शुक्ला ने 324 और 308 को मामले में प्रयोजनीय नही पाया। जिसकी वजह से उन्होंने इन धाराओं को खारिज कर दिया। गैर हस्तक्षेपीय धाराओं को लेकर उन्होंने बाबू सिंह को एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने में से सात सौ रुपये पीड़िता मिथला को दिला दिये। अभियोजन पक्ष की पैरवी अपर शासकीय अधिवक्ता अपराध मोतीलाल पाल ने की।

Leave a comment