कालपी-उरई। राहुल के कालपी क्षेत्र के कार्यक्रम में कांग्रेस की अंदरूनी दोफाड़ हालत का नजारा खुलकर सतह पर आ गया। जिला मुख्यालय के जो महारथी कांग्रेसी उरई में उपेक्षित रहे थे उन्होंने कालपी के राहुल के कार्यक्रम में अपने को बेहतर ढंग से समायोजित किया। दूसरी ओर यहां के कार्यक्रम में पूर्व विधायक और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद चतुर्वेदी नही दिखे। अलबत्ता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्यामसुंदर चैधरी ने उपस्थिति देकर उनका प्रतिनिधित्व दर्शाने की कोशिश की लेकिन उनका अंदाज बुझा-बुझा सा रहा।
जिले में कालपी कांग्रेस की इकलौती विधानसभा सीट है। इसके साथ ही राज्यसभा चुनाव में जब कपिल सिब्बल को जिताना पार्टी हाईकमान की नाक का सवाल बन गया था उस समय यहां की विधायक उमाकांति सिंह को ढाई करोड़ रुपये का आॅफर था लेकिन इतने बड़े प्रलोभन को भी उन्होंने पार्टी के प्रति वफादारी का परिचय देने के लिए ठुकरा दिया था। इसलिए जिला नेतृत्व की मंशा न होने के बावजूद राहुल गांधी ने हमीरपुर से एक बार फिर जालौन जिले में लौटकर कालपी में सघन सभाएं करने हामी भर दी थी।
इस खीचतान को देखते हुए उमाकांति सिंह के पति सुरेंद्र सिंह सरसेला ने कालपी के सभी कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। इसका असर साफ दिखाई दिया। खोवा मंडी में जब राहुल गांधी ने भीड़ की तादाद देखी तो उनका जोश भी उफान मार उठा। वे रथ से नीचे उतरकर स्थानीय नेतृत्व द्वारा बनाये गये मंच पर जा पहुंचे और वहीं से उन्होंने बहुत तसल्ली के साथ लोगों को संबोधित किया। यही नही सभा के बाद उन्होंने सुरेंद्र सिंह सरसेला के आग्रह पर कालपी की प्रसिद्ध गुझिया का भी स्वाद लिया।
मुस्लिम बाहुल्य जुलहटी के स्वागत ने भी राहुल को भाव-विभोर कर दिया। यहां जमा लोग सिर्फ उन्हें देखने के लिए नही आये थे बल्कि वे उनके सक्रिय समर्थन का मूड बनाये हुए थे। राहुल लोगों से संवाद के साथ भाषण की शैली अख्तियार कर रहे हैं। जुलहटी में राहुल गांधी के भाषण के बीच-बीच में लोग जिस तरह विरोधियों पर उन्हें नये-नये कटाक्ष सुझा रहे थे उससे उनका राहुल के कार्यक्रम से दिली जुड़ाव जाहिर हो रहा था।
इस मंच पर जहां कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र बाबू मिश्रा दिखे वहीं वयोवृद्ध पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामकुमार दीवौलिया, सत्यपाल शर्मा, उरई शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रेहान सिददीकी, राजीव नारायण मिश्रा और पूर्व ब्लाॅक प्रमुख अशोक द्विवेदी भी सम्मान सहित मंच पर मोर्चा संभाले हुए थे। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज चतुर्वेदी भी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में हाथ बंटाने के लिए सक्रिय रहे।
कालपी क्षेत्र के कार्यक्रम के सफल संयोजन से सुरेंद्र सरसेला का राजनैतिक कद राहुल गांधी की नजरों में ऊंचा दिखाई दिया। उन्होंने जोल्हूपुर मोड़ से लेकर कालपी के एग्जिट प्वाइंट यमुना सेतु तक उन्हें जिस तरह रथ में साथ लेकर तौला उससे यह उजागर हुआ।






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