(डाॅ. राकेश द्विवेदी)
cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। राहुल गांधी ने कालपी में जनता को प्रभावित करने का कोई भी मौका मिस नहीं किया। यहां के निवासियों को लक्ष्मीबाई, यमुना और गुझिया से अपार स्नेह है। श्रोता तो पहले से ही संतुष्ट थे लेकिन फिर से उन्होंने माइक थामकर कहा- भइया मुझे गुझिया नहीं खिलाओगे ? जब उनके पास गुझिया पहुंची तो राहुल ने एक की जगह दो गुझिया स्वयं उठाकर खा लीं और प्लेट से एसपीजी कमांडों को भी खिलाये बिना नहीं माने। यह देख लोग इस कदर भावुककता में आ गये कि तालियां बजाने लगे।
राहुल गांधी का जिले में यह अंतिम दिन का भ्रमण था। वैन में उनके साथ विधायक उमाकांति की जगह उनके पति सुरेंद्र सरसेला थे। रास्ते में वही राहुल को वे बातें समझा रहे थे जिससे कालपी लोगों का गहरा जुड़ाव है और ऐसा करके उनकी भावनाओं का फायदा उठाया जा सकता है। कालपी में राहुल को दोपहर 1 बजे पहुंचना था जो करीब 1 घंटे के विलंब से पहुंचे। तब तक सूर्य की तपिश अपने प्रचण्ड रूप में थी। इसके बावजूद यहां के लोग उन्हें देखना-सुनना चाह रहे थे। राहुल और कांग्रेस का नाम बोल-बोलकर थक चुके पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज चतुर्वेदी को जब राहुल का काफिला दूर से आता दिखा उनकी थकावट उत्साह में परिवर्तित हो गई। उनका साथ देने को एक और पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र बाबू मिश्रा शामिल हो गये। राहुल का भाषण वही पुराने बिंदुओं पर केंद्रित जरूर रहा किंतु टरननगंज चैराहा और जुलहटी में उन्होंने जिस प्रकार से भाषण दिया उसमें उत्साह कोंच और उरई की जनसभाओं से कुछ ज्यादा था।
एक बात और। राहुल कालपी में ज्यादा खुश भी दिखे। ये शायद इकटठा भीड़ का कारण भी रहा होगा। टरननगंज में वह 20 मिनट तक बोले। पब्लिक को डंडा दिखाकर हटा रही पुलिस से जब कहा कि इन लोगों को परेशान न करें। ऐसी चिंता जताने पर भीड़ पुलिस को हूट कर तालियां बजाकर अपनी खुशी व्यक्त की।
राहुल भाषण खत्म कर वैन में बैठ चुके थे। क्षण भर में वे फिर बाहर निकले। साथ में सुरेंद्र सरसेला भी थे। हाथों में माइक संभालकर राहुल मुस्करा कर बोले-भइया हमें गुझिया नही खिलाओगे ? ऐसा सुनते ही कालपीवासी खुश हो गये। यहां का प्रमुख मिष्ठान गुझिया है। फौरन दो प्लेटों में गुझिया भेजी गई। राहुल ने स्वयं झुककर प्लेट लपकी और गुझिया का एक पीस उठाकर खा लिया। उन्हें स्वाद अच्छा लगा तो खुद एक गुझिया उठाकर फिर खा ली। इसके बाद प्लेट एसपीजी कमांडों की तरफ बढ़ा दी। गुझिया खाने को एसपीजी कमांडों पहले राहुल की तरफ न पहुंच पाने की कोशिश में लगे रहे बाद में स्वयं गुझिया के स्वाद का आनंद उठाया। राहुल इस पर भी नही रुके। उन्होंने नीचे खड़े उस व्यक्ति से वह डिब्बा भी मांगकर ऊपर रख लिया जिसमें 10-15 पीस गुझिया थी।
यह सब देख कालपी के लोग खुश हो गये। उन्हें अच्छा लगा कि कालपी की प्रसिद्ध मिठाई का स्वाद राहुल ने भी उठाया।

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