उरई। ग्राम प्रधान सहित कैलिया के तमाम उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि कैलिया के कोटेदार द्वारा राशन की काला बाजारी की जा रही है। उसका बर्ताव उपभोक्ताओं के साथ क्रूरता का रहता है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में ग्राम प्रधान हरिमोहन पटेल के साथ ही गांव के प्रभुदयाल, दयाशंकर, रामरूप, कुसुमा, रसकेेंद्र सिंह गुर्जर, रामगोपाल, देशराज राठौर, रामबाबू सोनी, राजेंद्र काछी, पवन कुमार, राकेश सोनी, दीपक कुमार, सुदामा प्रसाद, सर्वेश कुमार, सोना देवी, आरती, जगराम, हरगोविंद, शांति देवी, चतुर सिंह, मान सिंह, सतवीर सिंह, गौरीशंकर वर्मा, भूरे सिंह यादव, राधेचरण कुशवाहा, परशुराम, राजकुमार, देवेंद्र कुमार, मुन्नी देवी, दुर्गा प्रसाद, दिनेश कुमार, कैलाश रानी, कमल सिंह, गया बाई, कालका, बलराम अहिरवार, राजबहादुर जाटव, अलीम खां, रज्जाकखां, माया देवी आदि सैकड़ों उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया किकैलिया का कोटेदार गजराज झा भ्रष्ट एवं आपराधिक प्रवृत्तिका है जो कि गांव के पात्र व्यक्तियों के साथ अभद्रता का व्यवहारकरता है। उन्हें राशन नहीं देता है। राशन के बदले खुलेआम रुपयों की मांग करता है। पूरी न होने पर पात्र गृहस्थी एवं बीपीएल सूची से नाम हटाने की धमकी देता है। उपभोक्ताओं का आरोप था कि गांव के जो लोग पात्रता सूची में अंकित हैं उन्हें भी राशन नहीं दिया जा रहा है जिसकी बराबर शिकायतें की जा रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना था कि कोटेदार द्वारा पात्र गृहस्थी में जोड़ने के लिए खुलेआम एक-एक हजार रुपए की मांग की जाती है। जो लोग अपात्र थे उन लोगों को कोटेदार ने पात्र गृहस्थी में जोड़ लिया है। जब भी राशन लेने जाते हैं तो वह अभद्रता का व्यवहार करता है और धमकी देता है चाहे जो कर लो हमारा कुछ भी बिगड़ने वाला नहीं है। हमारा विभागीय अधिकारियों से सिस्टम बना हुआ है। प्रधान सहित कैलिया के उपभोक्ताओं ने कोटेदार गजराज झा का कोटा निरस्त करने और पात्र व्यक्तियों को राशन उपलब्ध कराने की मांग की है।






Leave a comment