उरई। मूक बधिर महिला के साथ रेप करने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी उरई कोतवाली से चकमा देकर फरार हो गया। जिसके बाद एसपी ने एक दरोगा, एक हेडकांस्टेबिल और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया है।
गुरुवार को जालौन कस्बे के खटीकान मोहल्ले में रिश्तेदारी में आई महिला के साथ पुराने हिस्ट्रीशीटर अपराधी इरशाद उर्फ मिच्चू ने शौंच के लिए जाते समय रास्ते में सुनसान स्थान पर दबोचकर रेप कर दिया था। बाद में उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। उसका चालान देर शाम अदालत में पहुंचा जिसकी वजह से जेल में उसका दाखिला नही हो सका। मजबूरी में जालौन पुलिस ने रात भर के लिए उसे सदर कोतवाली में रोक दिया।
सुबह शातिर इरशाद ने लघुशंका का बहाना किया और जैसे ही एक सिपाही इसके लिए उसे लेकर बाहर निकला वह सिपाही को धक्का देकर भाग गया। बलात्कार के आरोपी के हिरासत से फरार हो जाने से पूरे पुलिस महकमे में खलबली मच गई। काफी देर तक उसकी तलाश होती रही। लेकिन उसका कोई पता नही चल सका।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने इस मामले में जालौन चैकी के इंचार्ज और रेप मामले के विवेचनाधिकारी मनोज कुमार सैनी और उनकी दो सहयोगी सिपाहियों रंजीत कुमार व विजय कुमार को इसलिए निलंबित कर दिया क्योंकि ये लोग सुबह उसे जेल मे दाखिल कराकर जाने का फर्ज निभाने की बजाय रात में उसको कोतवाली छोड़कर वापस जालौन चले गये थे। इसके साथ उरई कोतवाली के हेडकांस्टेबिल चंद्रपाल सिंह व मुंशी आदेश कुमार को भी पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया। साथ ही इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 223 और 224 का मुकदमा भी लिखा दिया गया है। हालांकि किसी पुलिसकर्मी को अभी गिरफ्तार नही किया गया है।






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