उरई। जिले में कई ग्रामीण सड़कों पर ऐसे डग्गामार वाहन फर्राटे भर रहे हैं जिन पर लोग रोजाना जान हथेली पर रखकर मजबूरी में सफर करते हैं। जिले में एआरटीओ प्रवर्तन के दो पद सृजित कर दिये गये हैं। जिनके पास डग्गामारी और ओवर लोडिंग रोकने के लिए भरापूरा दस्ता है। लेकिन कानून की धज्जियां उड़ा रही इस खतरनाक डग्गामारी को लेकर उनमें कोई जुम्बिश नजर नही आती।
गत् दिनों परासन और कदौरा में इन वाहनों पर एडवेंचरस सफर करते लोगों का नजारा हमारी टीम ने कैमरे में कैद किया। इन रोड पर बाबा आदम के जमाने की जीपें सवारी गाड़ी के रूप में दौड़ाई जा रही हैं जो फिटनेस के लिहाज से एक भी जगह दुरुस्त नही हैं। अजायबघर से उठाकर लाईं गईं इन जीपों को चलाना वैसे भी कम जोखिम भरा काम नही है। उस पर तुर्रा यह है कि इन जीपों में बोनट से लेकर छत तक सवारियां लदी रहती हैं जिससे ड्राइवर को न गढढा दिखाई देता है और न सामने आने वाला दूसरा वाहन। अंदाजे पर वह जीप चलाता हुआ गुजरता है। यह सवारियों की खुशकिस्मती है कि अभी तक हाल में इन डग्गामार जीपों में किसी में कोई बड़ा हादसा नही हुआ हैं वरना दर्जन भर से ज्यादा लोग एक साथ एक हादसे में ही कभी भी निपट सकते हैं।
परिवहन विभाग को न तो विभाग की आमदनी की चिंता है और न ही यात्रियों की सुरक्षा की। इसलिए विभाग के अधिकारी अपनी जेब गरम करके ऐसे डग्गामार वाहनों की ओर से आंखे मूंदे हुए है।






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