उरई। कालपी रोड पर पेट्रोल पंप के पास जगह को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने प्रशासन की अनदेखी के कारण खूनी रूप ले लिया। दबंगों ने शनिवार को दिनदहाड़े विवादित स्थल पर अधिवक्ता के ऊपर बर्बर हमला बोल डाला। मरणासन्न और संज्ञा शून्य हालत में अधिवक्ता को झांसी मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया गया है। जबकि हमला करने वाले दबंग इस बीच में फरार हो जाने में कामयाब रहे। कई अधिवक्ताओं ने इस मामले में कोतवाली आकर पुलिस के सामने गहरी नाराजगी जताई।
शादीराम फकीरचंद पेट्रोल पंप के पास कुछ महीनों पहले एक माॅल के निर्माण में जगह को लेकर विवाद की शुरुआत हुई थी। समाधान दिवस के ढकोसले के बावजूद बड़ी घटना का कारण बनने वाले ऐसे विवाद में प्रशासन और पुलिस कोई निष्कर्ष नही देता सो इस ढर्रें का पालन यहां के संवेदनशील मामले में भी हुआ। ओडीए को विवादित निर्माण ध्वस्त करने का आदेश मिल चुका था लेकिन ध्वस्तीकरण के नोटिस के बाद सौदा पटाने के लिए विशेष ख्याति प्राप्त ओडीए एई राजकुमार ने इस आर्डर को भी कथित रूप से मोटी रकम लेकर दाब लिया।
अधिवक्ता रहूफ मंसूरी ने शुक्रवार को इसकी शिकायत नये आये सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार मिश्रा से की। इस पर अनिल कुमार मिश्रा ने ओडीए के एई और जेई को तलब कर लिया और दोनों को खरीखोटी सुनाकर बुरी तरह जलील किया। सिटी मजिस्ट्रेट पर तो एई, जेई का कोई जोर चल नही सकता था इसकी वजह से वे लोग शिकायतकर्ता को सबक सिखाने का तानाबाना बुनने में जुट गये। इस साजिश का ही नतीजा था कि विवादित स्थल पर आज जैसे ही दबंग पहुंचे और वे कोई हरकत न कर दें इसलिए ज्यों ही रहूफ का पहुंचना हुआ पूर्व तैयारी के मुताबिक दबंग उन पर टूट पड़े। रहूफ को इतनी बुरी तरह मारा गया कि देखने वाले तक सिहर गये।
आशंका है कि रहूफ को अधिक चोटों के कारण ब्रेन हेमरेज हो गया है। जिला अस्पताल से उनकों मेडिकल काॅलेज झांसी के लिए रेफर कर दिया गया है। कोतवाली पुलिस ने रहूफ के परिजनों से कहा कि वे पहले इलाज की चिंता करें तांकि रहूफ के साथ कोई अनहोनी न हो जाये। लौट कर वे जो तहरीर देंगे दर्ज करके हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।






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