cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngमाधौगढ़-उरई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में छात्र-छात्राओं के परीक्षण के लिए डाॅक्टरों और पैरामेडिकल स्टाॅफ की टीम लाने-ले जाने को अटैच किये गये वाहनों के ड्राइवरों से प्राॅपर लाइसेंस के लिए कहा गया जिससे तीन दिनों से गाड़ियों का आना बंद है। नतीजतन छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण नही हो पा रहा है।
आरबीएसके कार्यक्रम के तहत सरकार ने सभी स्कूलों और इंटर काॅलेजों में छात्र-छात्राओं के निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की है। इसके तहत संबंधित सरकारी अस्पताल के स्टाॅफ को लाने-ले जाने हेतु ठेके पर गाड़ियां अनुबंधित की गई हैं। सीएचसी माधौगढ़ में दो गाड़िया अटैच हैं। एक माह पहले जब चिकित्साधीक्षक ने इनके ड्राइवरों के लाइसेंस चैक किये तो वे चैंक पड़े। एक ड्राइवर के पास जो लाइसेंस था उसमें साफ न दिखने वाली फोटो लगी हुई थी। यही गफलती लाइसेंस पहले दूसरे ड्राइवर के पास था। चिकित्साधीक्षक ने इसे जालसाजी मानते हुए ड्राइवर को लताड़ा और ठेका लेने वाली कंपनी को नोटिस थमा दिया।
इस नोटिस के मिलने के बाद ठेका कंपनी हड़बड़ा गई। नतीजतन तीन दिनों से गाड़ियां आनी बंद हैं। जिसकी वजह से मेडिकल स्टाॅफ स्कूल, काॅलेजों में नही जा पा रहा है।

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