cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngजालौन-उरई। मानदेय पर नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, आशा बहुओं तथा सरकारी स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाली रसोइया महिलाओं का मानदेय बढ़ाने की मांग के समर्थन में पूर्व राज्य सभा सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।
पूर्व राज्य सभा सांसद श्रीराम पाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मानदेय पर नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, आशा बहुओं तथा सरकारी स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाली रसोइया महिलाओं का मानदेय बढ़ाने की मांग के समर्थन में पत्र लिखते हुए लिखा कि वर्त मान में मानदेय बढ़ाने के लिए उक्त कर्मचारियों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। यह सच भी है कि उक्त कर्मचारियों से जो काम लिया जा रहा है तथा उनके काम के इतर भी सरकारी कार्य कराए जा रहे हैं, उसकी तुलना में उनका मानदेय काफी कम है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से राज्य कर्मचारियों को तो लाभ होगा परंतु इन महिला कर्मचारियों को कोई लाभ नही मिलेगा। अभी कुछ दिनों पहले ही सरकार ने रोजगार सेवकों को 6 हजार रूपए मानदेय देने की घोषणा की है। जबकि पूर्व में इन महिला कर्मचारियों को भी उनके बराबर ही मानदेय दिया जाता था। यदि रोजगार सेवकों का मानदेय बढ़ाया जा सकता है, तो राज्य सरकार अपने वित्तीय संसाधनों से इन महिला कर्मचारियों का भी मानदेय बढ़ा सकती है। ऐसा करने से निश्चित ही सरकार की लोकप्रियता में बढ़ोततरी होगी।

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