उरई। भारत की बदलाव के लिए उफनाती क्रांति के शाश्वत प्रतीक शहीदे-आजम भगत सिंह की जयंती जनवादी विचार धारा के संगठनों ने मंगलवार को जिले में पूरे जोश खरोश से मनाई। सवेरे शिक्षा सृजन स्कूल में बच्चों के बीच गोष्ठी आयोजित की गई। दोपहर बाद बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा से शहीद भगत सिंह पार्क तक सांस्कृतिक यात्रा निकाली गई। इसके बाद एक संक्षिप्त सभा हुई और इप्टा के कलाकारों ने जन गीत गाये।
शहीदे-आजम भगत सिंह का जन्म दिन आज शहर में क्रांतिकारी जिजीविषा की बहाली के दिवस के रूप में मनाया गया। शिक्षा सृजन स्कूल में हुई गोष्ठी में मशहूर माक्र्सवादी चितंक काॅमरेड देवेंद्र शुक्ला, काॅ. जाकिर आजमी, प्रसिद्ध रंगकर्मी अमजद आलम, मशहूर रंगकर्मी व निर्देशक संजीव गुप्ता, प्रधानाचार्य हृदेश त्रिपाठी, परवेज खान, पंकज मिश्रा, शंशाक दीक्षित, सौरव तिवारी, निशि सक्सेना, शिवम सेंगर ने नई पीढ़ी को बताया कि किस तरह प्रभावी विचारधारा के बिना कोई अभियान और प्रयास सार्थक नही हो सकता। उन्होंने कहा कि भगत सिंह के साथ जनवादी फ्रेमवर्क के मुताबिक परिवर्तन की इच्छा शक्ति अनिवार्य रूप से जुड़ी होनी चाहिए।
छात्रा-छात्राओं ने भी व्याख्यान माला, जनगीत, वाद-विवाद प्रतियोगिता और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आदि के माध्यम् से भगत सिंह के बारे में अपनी समझदारी को उजागर किया। साथ ही उसे तराशने की प्रेरणा भी उन्होंने इस अवसर पर अर्जित की।
दोपहर बाद इप्टा, प्रगतिशील लेखक संघ और अन्य समानधर्मी संगठनों व अंबेडकरवादियों ने बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा से लेकर भगत सिंह पार्क तक सांस्कृतिक यात्रा निकाली। इसके बाद संक्षिप्त सभा हुई जिसमें भगत सिंह और अंबेडकर की विचारधाराओं को बदलाव का वृत्त पूरा करने के लिए पूरक बताया गया। जनवादी गीतों के बीच उपस्थित लोगों ने भगत सिंह पार्क को मोमबत्तियां जलाकर जगमग किया। कार्यक्रम का संचालन संजीव गुप्ता ने किया।
काॅ. कैलाश पाठक, राधेलाल गुप्ता, डाॅ. रामाधीन, सतीश चंद्र शर्मा, रामकुमार दीवौलिया, सुधीर अवस्थी, देवेंद्र शुक्ला, जाकिर आजमी, पूर्व रेंजर श्री प्रजापति, मोहम्मद आमीन खां, विनय पाठक, धर्मेंद्र आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।






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