29orai03उरई। मनरेगा मजदूरों का भुगतान न होने से समस्याओं का सामना कर रहे प्रधानों व पंचायत मित्रों ने गुरुवार को नारेबाजी करते हुए ब्लाॅक कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया। प्रधानों का आरोप था कि खंड विकास अधिकारी की कमीशनखोरी की वजह से भुगतान अटका है जबकि मजदूरों की गालियां उन लोगों को झेलनी पड़ रही हैं।
महेबा ब्लाॅक में प्रधान और पंचायत मित्र खंड विकास अधिकारी आलोक पांडेय के रवैये से बुरी तरह खफा हैं। इसके कारण आज वे बगावत पर उतर आये। प्रधानों ने बताया कि बीडीओ आलोक पांडेय न तो मजदूरों का भुगतान निकाल रहे हैं और न ही रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान कर रहे हैं। ब्लाॅक में मजदूरों का एक करोड़ चालीस लाख रुपये भुगतान अटका है। जिसे लेकर बीडीओ का कहना है कि जिस प्रधान को अपनी ग्राम पंचायत में भुगतान कराना है वह 6 परसेंट उनका अग्रिम कमीशन जमा करा दे अन्यथा कोई भुगतान नही होगा।
इस बारे में जब बीडीओ आलोक पांडेय से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने काॅल रिसीव नही की। इसके बाद ब्लाॅक के आरईएस जेई संजय श्रीवास्तव से बात हुई तो उन्होंने कि पंचायत मित्र और प्रधानों ने परेशान होकर यह कदम उठाया है। उनकी मांग पूरी तरह सही है।

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