उरई। पंचायत सचिवों द्वारा चलाए गए आन्दोलन को देखते हुए जिलाधिकारी संदीप कौर ने शुकक्रवार को आखिर पीएस चन्द्रौल से जालौन खण्ड विकास का चार्ज छीन लिया है। उनकेेेेेेे स्थान पर प्रीति भसीन जालौन बीडीओ का कार्य देखेंगी।
गौर तलब है कि पीएस चन्द्रौल के खिलाफ जालौन विकास खण्ड के सभी ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी सड़कों पर उतर आए थे। उन्होंने पीएस चन्द्रौल पर सचिवों के साथ अभद्र व्यवहार करने और उगाही के लिए दवाब बनाने का आरोप लगाया था। कई दिन तक पंचायत सचिवों के काम ठप्प रखने पर डीएम ने गत दिनों राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष राम प्रसाद श्रीवास्तव को अपने बंगले पर बुला कर उन्हें आन्दोलन समाप्त कर देने के लिए राजी किया था। इसमें डीएम ने उनको जल्द ही पीएस चन्द्रौल से जालौन के खण्ड विकास अधिकारी का चार्ज वापस लेने का वायदा भी किया था।
इसी क्रम में डीएम ने आज चन्द्रौल को जालौन बीडीओ के पद से कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि उनके स्थान पर नियुक्त की गई प्रीति भसीन की छवि भी बहुत अच्छी नहीं मानी जाती। रामपुरा ब्लाक में सूखे के समय बिना कमीशन के मनरेगा के लिए बजट जारी न करने को लेकर वे काफी बदनाम रहीं थीं। उधर महेबा में भी खण्ड विकास अधिकारी आलोक पाण्डेय के खिलाफ प्रधानों ने मोर्चा खोल रखा है। आलोक पाण्डेय पर भी मनरेगा का बजट रिलीज करने के लिए भारी कमीशन मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। खण्ड विकास अधिकारी गांवों में विकास व जनकल्याण कार्यक्रमो की धुरी होते हैं लेकिन जनपद में उनके बेलगाम होते चले जाने से चुनावी सीजन में राज्य सरकार को उनका रवैया मंहगा पड़ सकता है।
इसके साथ ही जालौन के क्षेत्र पंचायत कार्यालय में तैनात चर्चित बाबू जेपी गुबरेले का भी तबादला कर दिया गया है। उनको जालौन से डकोर भेजा गया है।

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