प्रतिभाएं मेट्रो की मोहताज नहीं होतीं। टैलेंट बड़े शहरों में ही नहीं, छोटे शहरों में भी जन्मते हैं। कस्बों से लेकर छोटे शहरों से भी अनेकों प्रतिभाओं ने निकलकर बॉलीवुड पर अपना सिक्का जमाया है। इसी कड़ी में नाम आता है कपिल पंजाबी का। राजस्थान के अजमेर शहर से निकले कपिल मायानगरी मुंबई में अपने पांव जमाने में जुटे हैं। अपनी मेहनत व काबिलियत के बलबूते कपिल पंजाबी अपने टीवी करियर के बाद सिने कॅरियर में आगे बढ़ रहे हैं। हाल ही में उनकी नई फिल्म ‘वाह ताज’ रिलीज हुई है, जिसमें उन्होंने श्रेयस तलपड़े और मंजरी फणनीस के साथ काम किया है। इस मूवी को उत्तर प्रदेश में अच्छा रिस्पॉन्स मिला। यूपी सरकार ने तो इस फिल्म को टैक्स फ्री भी कर दिया। फिलहाल इस फिल्म में अपने काम की सराहना से कपिल उत्साहित हैं और लगातार सीखते हुए कॅरियर में अगले ब्रेक के लिए तैयार हैं। एक इंटरव्यू में कपिल पंजाबी ने बताया कि वह अभी भी सीख रहे हैं, साथ ही उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही अच्छा रोल मिलेगा। प्रस्तुत है उनसे हुई बातचीत-
टीवी से बॉलीवुड तक के अपने सफर के बारे में बताइए
टीवी और बॉलीवुड में अभी ये मेरी शुरूवात है, इस बारे में अभी कुछ भी बोलना जल्दबाजी होगी। लेकिन मैं अभी दोनों को एन्जॉय कर रहा हूं। पहले छोटे पर्दे पर काम किया और ‘संविधान’, ‘एजेंट राघव’, ये है आशिकी, सीक्रेट डायरी जैसे टीवी सीरियल करने के बाद फिल्मों में रोल मिले। इस दौरान अक्षय कुमार के साथ ‘एयरलिफ्ट’ और सनी लियोनी अभिनीत ‘वन नाइट स्टैंड मूवी’ में काम किया, जो मेरे लिए बॉलीवुड का टिकट साबित हुई हैं। लेकिन मैं अभी भी खुद को प्रशिक्षु मानता हूँ, जिसका सीखने क्रम जारी है।
‘वाह ताज’ के अपने कैरेक्टर के बारे में बताइए
इस मूवी में मैं एक न्यूज जर्नलिस्ट की भूमिका निभा रहा हूं। जो एक ब्रेकिंग न्यूज के चक्कर में तुकाराम और सुंदरी (श्रेयस तलपड़े और मंजरी फणनीस) से मिलता है। इसके बाद क्या होता है यह मूवी का ट्विस्ट है जो आप को मूवी देखने के बाद पता चलेगा।
‘वाह ताज’ की शूटिंग के दौरान हुई कोई खास घटना, जो आप सब से शेयर करना चाहते हैं?
ऐसी कोई खास घटना तो नही याद आ रही है, पर मैं श्वाह ताजश् के सुपर एक्टर के साथ शूटिंग के दौरान अपने एक्सपीरियंस जरूर शेयर करना चाहूंगा। शूटिंग के दौरान मै ऑबजरवेशन मोड में था। शूटिंग का बेस्ट पार्ट था यमुना के तट पर शूटिंग करना। जहाँ से आप ताज महल के पीछे का व्यू ले सकते हैं। इसी क्रम में हमने ताज को चांदनी में भी देखा। वही उगते सूरज की लालिमा में ताज को देखना एक अलग ही दुनिया में पहुचा देता है।
आप टीवी और मूवी में किसे ज्यादा अहमियत देंगे?
जैसा कि मैने पहले कहा टीवी और बॉलीवुड के अपने अलग अलग चार्म और चैलेंज है। मै अपने आप को एक आर्टिस्ट के तौर पर एक्सप्लोर करना चाहूंगा। इसलिए मै दोनो को प्रेफर करूंगा। फिलहाल अच्छे ब्रेक का इंतजार है और उम्मीद है कि जल्द ही अच्छे रोल के साथ दर्शकों के सामने आऊंगा।







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