उरई। उत्तर प्रदेश अनुसूचित आयोग के सदस्य गौरव दयाल ने गुरुवार को जिले में प्रवास करके अनुसूचित जाति के कल्याण व संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओ का जायजा लिया। इसमें उन्होंने विशेष रूप से मैला ढोने की प्रथा समाप्त करने और स्वच्छकार विमुक्ति योजना की फलदायी उपलब्धियों पर चर्चा की। इसी दौरान डिग्निटी फाउंडेशन के भग्गूलाल बाल्मिीकि ने उनको ज्ञापन देकर अवगत कराया कि प्रशासन की इच्छा शक्ति न होने की वजह से किस तरह इतने वर्षों बाद भी मैला ढोने वाले परिवारों का पुनर्वास नही हो पा रहा है।
उन्होंने बताया कि उनकी पहल पर जून 2014 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने मैला ढोने वाले परिवारों को चिन्हित कराने के लिए पर्यवेक्षण कमेटी बनाई थी लेकिन आज तक इसकी एक भी बैठक नही हो पाई है। उन्होंने कहा कि सभी मैला ढोने वाले परिवारों को चिन्हित करके उन्हें पहचान पत्र जारी किये जायें। इसलिए विमुक्ति योजना का लाभ उन्ही लोगों को मिल सके जो सही मामले में इसके पात्र हैं।
भग्गूलाल बाल्मीकि ने 9 सूत्रीय अपने ज्ञापन में कई और मुददो पर भी प्रकाश डाला और स्वच्छकार परिवारों के उत्थान के लिए बेहद बाजिव और व्यवहारिक सुझाव दिये। गौरव दयाल ने उन्हें संज्ञान में लेकर अपने स्तर से उन सुझावों पर अमल कराने का आश्वासन दिया।






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