07_oct2016-2उरई। उरई के तिलक नगर में स्थित पीरो वाली मस्जिद के मैदान बरकाती ग्राउंड में जिक्रे हुसैन कमेटी मुस्लिम बेलफेयर एसोसिएशन की जानिब से होने वाले दस रोजा इजलास पैगामे शहीद ए आजम की चैथी मजलिस में खिताब करते हुए मौलाना मुश्ताक अध्यक्ष मुशाहिदी ने बताया कि सब्र का दूसरा नाम हुसैन है इमाम हुसैन ने करबला की जमी पर अपना पूरा घर बार लूटा दिया मगर इंसानियत के सबसे बड़े दुश्मन यजीद से हाथ नही मिलाया। उन्होंने सब्र व हिम्मत से काम लिया भाई शहीद हो गए बच्चे शहीद हो गए मुरीदीन शही हो गए लेकिन इमाम हुसैन ने सब्र का दामन नही छोड़ा और यजीदा से हर्गिज हाथ न मिलाया। इललास में मुफ्ती हनीफ बरकाती ने भी तकरीर की उन्होंने इमाम हुसैन की जिंदगी पर रोशनी डाली। कानपुर से आए हुए नात ख्वान निहाल अख्तर मोनिस चिश्ती और उमैर बरकाती ने नात शरीफ व इमाम हुसैन की शान में मनकबत बढ़ी। मनकबत सुनकर अकीदतमंदों ने नारे तकबीर अल्लाह अकबर के नारे लगाए। प्रोग्राम की निजामत डा. मु.नासिर बेग ने की। रजा ए मुस्तफा कमेटी ने चाय का इंतेजाम किया। मुस्लिम बेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेकेक्ट्री अल्हाज मु. शारिक बेग ने अकीदतमंदों का तहेदिल से इस्तकबाल कामिल, आदिल, वासिल, तालिब, अब्दुल रज्जाक, अब्दुल वहाब, इस्राफील, मकसूद आदि लोग मोजूद रहे।

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