07orai08रामपुरा-उरई। इलाहाबाद बैंक की स्थानीय शाखा में 50 फीसदी स्टाॅफ कम है जबकि ग्राहकों की तादाद अंधाधुंध होती जा रही है। ग्राहकों की रेलमपेल की वजह से स्टाॅफ द्वारा पूरी ताकत लगाने के बावजूद काम पूरा नही हो पा रहा है।
इलाहाबाद बैंके की स्थानीय शाखा यहां अपने ही अधिकारियों द्वारा बुने गये अजाब में उलझकर छटपटा रही है। स्थानीय शाखा में 6 लोगों के स्टाॅफ का नियतन है लेकिन इस समय मैनेजर सहित केवल तीन लोग तैनात हैं। स्टाॅफ की कमी की वजह से खुद मैनेजर को अपने कक्ष में बैठने का सुख कई महीनों से मुमकिन नही हुआ है। वे बाबुओं के काउंटर पर बैठकर ग्राहकों को निपटाने के लिए पीर, बाबर्ची, भिश्ती, मीर का काम कर रहे हैं लेकिन तो भी ग्राहक संतुष्ट नही हो पा रहे। कई बार इसके लिए मुख्य अग्रणी बैंक प्रबंधक सिद्धार्थ पाॅल से वह गिड़गिड़ा चुके हैं लेकिन विभाग में नाकारापन के लिए कुख्यात हो चुके सिद्धार्थ पाॅल के पास उनको राहत देने के नाम पर खाली-पीली बातें करने के अलावा कुछ नही है। वस्तुस्थिति जानने की वजह से परेशान होने के बावजूद ग्राहकों में बैंक मैनेजर और वर्तमान स्टाॅफ के प्रति तो हमदर्दी है लेकिन एलडीएम के प्रति उनका गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुंचता जा रहा है। कहीं उनके गुस्से के सैलाब में यहां पहुंचने के बाद एलडीएम को कोई हादसा न झेलना पड़ जाये।

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