cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngजालौन-उरई। सरकारी अनुदान वाली योजनाओं का लाभ लेकर उन्नतशील खेती करें। इसके साथ खेतों में रासायनिक खाद के स्थान पर जैविक खाद का प्रयोग करें। जैविका खाद के प्रयोग से जमीन भी बंजर नहीं होगी तथा भरपूर पैदावार भी होगी साथ ही कृषि में लागत भी कम आएगी। यह बात ग्राम मड़ोरा में आयोजित ग्राम विकास संगोष्ठी के अवसर पर ग्राम मड़ोरी निवासी उन्नतशील कृषक आशोक सिंह ने उपस्थित ग्रामीणों एवं कृषकों को संबोधित करते हुए कही।
तहसील क्षेत्र के ग्राम मड़ोरा में ब्रह्मा सिंह सेंगर की अध्यक्षता में ग्राम विकास संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान गोष्ठी के संयोजक डाॅ. चंद्रभान सिंह सेंगर ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि गांव में विकास की बयार बहाना है तो हमें ब्लाॅक अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी आदि के साथ मिलकर गांव के विकास की योजना बनानी होगी। ग्राम विकास के लिए सरकार द्वारा भी कई योजनाऐं संचालित की जा रही हैं। हमें उन योजनाओं का लाभ भी लेना होगा। इसके साथ ही हमें अपने कर्तव्यों पर भी ध्यान देना होगा। गांव के विकास के लिए जरूरी है हर घर में शौचालय हो। खुले में शौच के लिए कदापि न जाऐं। साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान दें। कचरे को इधर, उधर न फेंके। बल्कि कचरा एकत्रित कर किसी निश्चित स्थान पर ही फेंका जाऐं। जिससे गांव में सफाई व्यवस्था बनी रहे। तो वहीं, ग्राम मड़ोरी निवासी प्रगतिशील कृषक अशोक सिंह ने कहा कि किसानों को खेती में उन्नतशील तकनीक को अपनाने में गुरेज नहीं करना चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि नई तकनीक अपनाने में कोई नुकसान तो नहीं। खेतों में हमेशा जैविक खाद का ही प्रयोग करें। जिससे जमीन बंजर न हो। ग्राम प्रधान संतराम सिंह सेंगर ने कहा कि ऐसी संगोष्ठियों से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ती है। इसलिए समय-समय पर प्रत्येक गांव में ऐसी संगोष्ठियों का आयोजन किया जाना चाहिए। इन संगोष्ठियों से एक दूसरे से विकास के बारे में राय बनती है। जिन्हें अपनाकर गांव में विकास की बयार बहाई जा सकती है। इस मौके पर जंटर सिंह सेंगर, रामस्वरूप सेंगर, संतराम सिंह सेंगर आदि सहित सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण व किसान मौजूद रहे।

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