उरई। अगर किसी का सिर आपकी आंखों के सामने धड़ से अलग होकर पांच मीटर दूर चला जाये और थिरकने लगे तो आपको कैसा लगेगा। सुनने पर यह बात गप्प लगती है लेकिन यह दृश्य सचमुच में लोगों को रविवार से अनुराधा पैलेस टाॅकीज में देखने को मिलने वाला है।
जादूगर ज्ञानेंद्र भार्गव का नाम शहर और जिले के लोगों के लिए अपरिचित नही है। ज्ञानेंद्र भार्गव इसके पहले भी एक दशक से भी पहले से अपने जादू का शो करने के लिए जिले में आ रहे हैं। रविवार से उनके शो की एक बार फिर शुरूआत होगी। ज्ञानेंद्र ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि रविवार को सबसे पहले दोपहर में आंखों में पटटी बांधकर वे मोटर साइकिल से घंटाघर, कोंच बस स्टैण्ड, जेल रोड, अंबेडकर चैराहा, भगत सिंह चैराहा होते हुए वे अनुराधा पैलेस टाॅकीज पहुंचेंगे। इस एडवेंचर्स मोटर साइकिल भ्रमण को हमेशा की तरह इस बार भी उन्होंने मौत का सफर नाम दिया है।
ज्ञानेंद्र भार्गव पूरी साफगोई से कहते है कि जादू और चमत्कार जैसी घटना सचमुच में कोई नही होती। जादू के पीछे सदी हुई तकनीक रहती है। जिसे वे हमेशा सीखते हुए नये-नये आइटम तैयार करते रहते हैं। इस बार मंच पर धड़ से अपना सिर उतारकर पांच मीटर दूर उसे नचाने का जादू वे दिखायेगे जो उरई वालों के लिए नया आइटम है।
उन्होंने बताया कि उनके जादू का शो मनोरंजन के साथ-साथ कुरीतियों के निवारण के लिए सामाजिक जागरूकता का भी कार्यक्रम है। वे अपने शो में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और जातिवाद के उन्मूलन जैसे मुददों पर लोगों को प्रभावी संदेश देने का प्रयास करते हैं।






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