08orai02उरई। जिले में सिचाई के पानी की बर्बादी रोकने के लिए नहरों की लाइनिंग और सिल्ट सफाई के कार्य में भारी भरकम बजट झौंका जा चुका है लेकिन इसके बावजूद टेल तक पानी न पहुंचने की समस्या अभी तक बनी हुई है। लोगों की शिकायत है कि नहर के सुदृढ़ीकरण के काम में भ्रष्टाचार के चलते जमीनी हकीकत नही बदल पा रही जिससे किसानों की दिक्कतें जहां की तहां बनी हुई हैं। ऐसी शिकायतें मंडलायुक्त के. राममोहन राव तक भी पहुंच गईं। जिसके बाद मंडलायुक्त द्वारा मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह को इसकी जांच सौंपे जाने से नहर विभाग में हड़कंप मच गया है।
रबी का सीजन शुरू होने के पहले प्रशासनिक स्तर पर इसमें किसानों को पूरी सहूलियत देने की कवायद शुरू हो गई है। मंडलायुक्त के. राममोहन राव की व्यक्तिगत रुचि की वजह से इस बार किसानों की परेशानी काफी हद तक दूर हो जाने की उम्मीद है। गत् दिवस मंडलायुक्त ने झांसी में मंडल स्तरीय रबी गोष्ठी के समय खेती से जुड़े सभी पहलुओं पर गौर किया और संबंधित विभागाध्यक्षों को कमी के मुताबिक सुधार के लिए फरमान सुनाया।
मंडलायुक्त ने कहा कि पलेवा और सिचाई में किसानों के सामने कोई रुकावट न आये इसके मददेनजर बिजली विभाग की जिम्मेदारी है कि फुके ट्रांसफार्मर को हर हाल में 36 घंटे के अंदर बदल देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इसमें कोताही पर सीधे अधिशाषी अभियंता के खिलाफ एक्शन लिया जायेगा।
बैठक में बीजों की गुणवत्ता का मुददा भी उठा। उन्होंने कहा कि बीजों की क्वालिटी अच्छी न होने की वजह से जर्मीनेशन नही होता। इससे किसानों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ता है। इसलिए किसानों को सरकारी बीज देने के पहले उनकी अंकुरण क्षमता का परीक्षण करा लिया जाना चाहिए। मंडलायुक्त की बैठक से लौटे विभागाध्यक्षों ने आज उनके निर्देशों के फाॅलोअप के लिए कार्य योजना तैयार की।

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