जालौन। जौं मम् चरन सकीस सठ टारी, फिरहिं राम सीता मैं हारी’ के संवाद के साथ अंगद ने रावण को भरे दरबार में उसका पैर तिल भर भी हिलाने की चुनौती दी। श्रीरामलीला समिति के तत्वाधान में श्रीरामलीला महोत्सव 2016 में रामलीला मंचन के दौरान विभीषण शरणागति व अंगद-रावण संवाद लीला का मंचन किया गया।
रामलीला के मंचन में अंगद द्वारा रावण को भरे दरबार में बार-बार समझाया जाता है कि वह मां सीता को प्रभु राम को लौटा दे। परन्तु रावण इस बात पर सहमत नहीं होता है। तब अंगद द्वारा भरी सभा में रावण को चुनौती दी जाती है कि ‘जौं मम् चरन सकीस सठ टारी, फिरहिं राम सीता मैं हारी’ अर्थात् हे रावण, अगर लंका का कोई भी वीर, मेरे पैर को तिल भर भी हिला देता है तो, मैं प्रभु राम की शपथ लेकर भरी सभा में कहता हूँ कि मैं सीता मां को हार जाऊंगा। श्रीराम की भूमिका राहुल त्रिपाठी बांदा, लक्ष्मण केके शुक्ला, हनुमान राधेश्याम मिश्रा, विभीषण रमेश द्विवेदी, अंगद की सुन्दर भूमिका में सुरेंद्र पाराशर, रावण श्याम शरण कुशवाहा, मंदोदरी दंगल लोई, एवं सारंग की भूमिका में सुभाष मस्ताना ने अपने जीवंत अभिनय से उपस्थित दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। इसके अलावा रावण के दरबार में अप्सरा के रूप में महिला नृत्यकार गुंजारानी लखनऊ ने अपनी नृत्यकला से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।






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