कोंच। देश दुनिया में असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक रावण दहन अपने अपने तरीके से किया जाता है लेकिन यहां कुछ बच्चे ऐसे हैं जो प्रति बर्ष मेघनाद का पुतला खुद अपने हाथों से काफी मेहनत करके तैयार करते हैं और दशहरा के दिन उसका दहन करते हैं। सुभाषनगर निवासी कृष्णकांत तिवारी के बेटे और भतीजे प्रिंस तिवारी, लव तिवारी, दिव्यांशु तिवारी, वेदांत तिवारी पिछले चार सालों से पुतले का निर्माण अपने निजी संसाधनों से करते हैं। प्रिंस बताते हैं कि उन्हें इस पुतले के निर्माण में दस दिन का समय लगता है और दशहा के दिन वह इस पुतले का दहन कर देते हैं।






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