उरई। शनिवार को कुठौंद में दिन-दहाड़े दबंगों ने मामूली विवाद को लेकर पूर्व फौजी कोेेेेेेेेेेेेेेेे अस्पताल के पास घेर लिया और लाठी डंडों व नुकीले हथियारों से उस पर हमला करते हुए तब तक उसे मार जब तक कि वह निढाल होकर गिर नहीं पड़ा। इसके बाद उसे मृत समझकर वे लोग मूछों पर ताव देते हुए चले गए। दबंगों के इस कहर से कुठौंद कस्बे का पूरा जनजीवन भय और आतंक के कारण सिहर उठा। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए हत्या के प्रयास व बलवा जैसी संगीन धाराओं में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा कायम कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह ताबड़तोड़ दबिश दी है।ghayal9
कुठौंद विद्युत सब-स्टेशन पर पर रंधीरपुर गांव के एक पूर्व फौजी की बतौर एसएसओ तैनाती है। शनिवार को आपूर्ति संबंधी किसी गड़बड़ी को लेकर मिहोना निवासी एक व्यक्ति विद्युत सब-स्टेशन में उनसे लड़ने पहुंच गया। इस दौरान श्याम सिंह भी वहां मौजूद थे। श्याम सिंह भी पूर्व फौजी हैं। उन्हें आगंतुक की बेजा बोलचाल बेहद नागवार गुजरी और उन्होंने उसे डांट दिया। इसके बाद जब वे अस्पताल के रास्ते से होकर जा रहे थे तभी वह व्यक्ति अपने गांव के लठैतों को लेकर उनके सामने आ गया। वे कुछ समझ पाते इसके पहले ही लाठी डंडा कुल्हाड़ी और सांग से उस पर अंधाधुध वार शुरू कर दिए। लोगों ने उनकी हैवानियत देखी, लेकिन डर की बजह से कोई उन्हें रोक नहीं पाया। वे उसे पीट-पीट कर मार डालने का इरादा लेकर आए थे। इस कारण श्याम सिंह के गिर पड़ने पर जब उन्हें यह लगा कि उसकी मौत हो गई है तब वे लोग वहां से वापस हुए। इस तांडव की आज दिन भर कुठौंद कस्वे में चर्चा होती रही। लोग इस घटना से बुरी तरह खौफ महसूस कर रहे हैंै। थानाध्यक्ष चन्द्र शेखर दुबे ने घटना को काफी गम्भीरता से लिया है। इस सिलसिले में अखण्ड प्रताप सिंह उर्फ अंशू, प्रदीप सिंह, देवेन्द्र यादव, बच्चा यादव, रिंकू यादव और बहादुर सिंह के खिलाफ मुकदमा लिखकर कार्यवाही शुरू कर दी है। आरोपियों में अंशू और प्रदीप यादव सगे भाई हैं।

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