16orai11 16orai12उरई। सटटे का साम्राज्य शहर से सिमट नही पा रहा जिसकी मुख्य वजह पुलिस का भी आशीर्वाद सटोरियों को प्राप्त होना है। सटटेबाज इतने बेखौफ होकर अपना गैरकानूनी कारोबार चला रहे हैं कि उन्हें बस स्टैण्ड पुलिस चैकी के नजदीक ही अडडे बनाने में भी संकोच महसूस नही हुआ।
हालत तो यह है कि बस स्टैण्ड चैकी के स्टाॅफ के साथ उनके घरेलू रिलेशन बन गये हैं। अगर चैकी में उनकी शिकायत की जाती है तो वे कोल्ड ड्रिंक लेकर पहुंच जाते हैं। उनके साथ चैकी का स्टाॅफ भी आत्मीय हो जाता है। सटटेबाजों और पुलिस का यह रिलेशन कोई अबूझ पहलू नही है।
दूसरी ओर सटटे के कारण गरीब परिवार मटियामेंट हुए जा रहे हैं क्योंकि सबसे ज्यादा इन परिवारों को ही सटटा आकर्षित करता है। सटटे में सर्वस्व गंवाने के बाद इन लोगों के लिए अपराध की गली मे कूंदने के अलावा कोई चारा नही रह जाता। सटटा कितने संगीन अपराधों का जनक है यह कहने की जरूरत नही। लेकिन फिर भी सटटेबाजों की सरपरस्ती करने में पुलिस नही चूंक रही तो इसे क्या कहा जाये।

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