उरई। कृषि बीमा की हालत विचित्र है। राजकीय इंटर काॅलेज मैंदान में चल रहे किसान मेला और गोष्ठी के दौरान किसान नेताओं ने रहस्योदघाटन के अंदाज में बताया कि किसानों से जितना प्रीमियम काटा गया था नुकसान होने पर उतना भी क्लेम देना गंवारा नही किया गया। किसान नेताओं ने इस नाइंसाफी पर काफी गुस्सा जताया है।
रबी गोष्ठी और किसान मेला के दौरान प्रशासन को किसानों के तीखे तेवरों का सामना करना पड़ा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार ने जहां कृषि बीमा के छलावे का भांड़ा फोड़ा वहीं यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने बीज प्रमाणीकरण में पहले से हो रही धांधली अंकुश न लगाये जाने पर अनुदान बढ़ जाने के कारण और ज्यादा तेज होने की आशंका प्रकट की।
भारतीय किसान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष साहब सिंह चैहान ने रबी को लेकर प्रशासन की तैयारियों की बखियां उधेड़ते हुए कहा कि जहां एक ओर 4 अक्टूबर से नहर चलाने की घोषणा पर अमल का इंतजार अभी तक जारी है वहीं नलकूंप भी बिजली विभाग की मेहरबानी की वजह से चल नही पा रहे। जिससे बुबाई खटाई में पड़ी हुई है।
कई किसानों ने बीजों की गुणवत्ता पर उंगली उठाई। किसानों ने बताया कि बीज भंडारों से खरीदे गये उर्द के बीजों का जर्मिनेशन नही हुआ जिससे उन्हें कीमत की चपत झेलनी पड़ी। इस फ्राॅड पर एक्शन होना चाहिए।
गोष्ठी में सदर विधायक दयाशंकर वर्मा, डीएम संदीप कौर, सीडीओ एसपी सिंह, उपनिदेशक कृषि अनिल पाठक, जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह परिहार और बिजली, सिचाईं व लघु सिचाईं आदि विभागों के अधिशाषी अभियंता उपस्थित थे।






Leave a comment