उरई। डाॅयल-100 योजना के लिए 40 विशेष रूप से सुसज्जित गाड़ियां जिले को मुहैया कराईं जा रहीं हैं। सोमवार को इस योजना के लिए 200 पुलिस कर्मियों को महेंद्रा कंपनी की तकनीकी टीम द्वारा प्रशिक्षण पुलिस लाइन में शुरू किया गया। यह प्रशिक्षण 18 दिन में पूरा होगा। सीएम ने कहा था कि वे डाॅयल-100 योजना के तहत त्वरित पुलिस सहायता का ऐसा प्रबंध प्रदेश में लागू करेगी जिससे मीडिया की ब्रेकिंग से भी पहले पुलिस का मौके पर पहुंचना संभव हो जायेगा। इस योजना का अमली रूप देखने का वक्त जिले के लोगों के लिए आ गया है।
योजना के जरिये यूपी सरकार की बेहतर ब्राडिंग की जा सके इस मकसद से डाॅयल-100 को यूपी-100 नाम दिया गया है। एडीशनल एसपी शकील अहमद ने बताया कि 100 नंबर पर डाॅयल की गई काॅल को राज्य मुख्यालय पर इसके लिए बने कंट्रोल रूम में रिसीव किया जायेगा। कंट्रोल रूम संबंधित जिले के अफसरों और घटना स्थल के सबसे नजदीक गाड़ी की लोेकेशन जीपीएस से मालूम कर उसे मौके पर रवाना होने के लिए निर्देशित करेगा।
जिले के लिए एलाॅट गाड़ियों के बेड़े में 6 इनोवा और 34 बुलेरो गाड़िया उपलब्ध कराई जा रही हैं। हर गाड़ी में दो हैड कांस्टेबिल और दो कांस्टेबिल मौजूद रहेंगे। इस तरह 160 का स्टाॅफ डयूटी में इंगेज रहेगा जबकि 40 पुलिस कर्मी रिजर्व में रखे जायेगें तांकि अगर डयूटी वाले किसी पुलिस कर्मी को बीमारी व अन्य इमरजेंसी की वजह से हटाना पड़े तो रिजर्व से डयूटी लगाकर योजना का संचालन बदस्तूर होता रहे। शहर में काॅल आते ही 15 मिनट के अंदर और गांव में 20 मिनट के अंदर पुलिस के पहुंचाने की व्यवस्था योजना का सबसे मुख्य आकर्षण है।





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