18orai04सिरसाकलार-उरई। कोड़ा किर्राही में मानसिक रूप से असंतुलित विवाहिता ने खुद के ऊपर मिटटी का तेल डालकर आग लगा ली। जब वह आग का गोला बनकर अपने कमरे से बाहर के लिए दौड़ी तो घरवालों में हड़कंप मच गया। लेकिन उनके द्वारा बचाने की कोशिश करने के पहले ही वह पूरी तरह जल चुकी थी जिससे उसने दम तोड़ दिया।
कोड़ा किर्राही में हरीशंकर की पत्नी उपासना (30वर्ष) की दिमागी हालत ठीक नही थी लेकिन घरवालों ने इलाज कराने की बजाये झाड़फूंक का सहारा लिया जिससे उसका मर्ज बिगड़ता चला गया।
आज सुबह लगभग 7.30 बजे उसने पागलपन में अपने ऊपर मिटटी का तेल डालकर आग लगा ली। घरवाले इससे बेखबर थे। उपासना जब आग की लपटों में घिरी चिल्लाती हुई कमरे से निकली तो घरवालों के होश उड़ गये। उन्होंने उसके ऊपर कपड़े फेंककर आग बुझाई लेकिन तब तक उसका काम तमाम हो चुका था।
उपासना अपने पीछे तीन संताने छोड़ गई है। जिनमें एक आठ और एक छह साल की लड़कियां हैं। इसके अलावा सात महीने का दूध पीता बच्चा भी मां के न रह जाने से अनाथ हो गया है।

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