cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। नदीगांव थाना क्षेत्र में जमीन के विवाद को लेकर फायरिग करके एक व्यक्ति को घायल कर देने के मामले में पीड़ित पक्ष के मुकर जाने के बावजूद अदालत ने तीन नामजद अभियुक्तों को सात-सात वर्ष की सजा सुना दी।
यह घटना 2012 में हुई थी जिसमें मोहर सिंह को गोली लगी थी। मुकदमा चलने के दौरान मोहर सिंह और अभियुक्तों सीताराम व धीरेंद्र यादव व जगदीश के बीच अघोषित समझौता हो गया जिससे मोहर सिंह के गवाह अदालत के सामने बयान देते समय पुलिस में दर्ज कथन से पलट गये। अभियुक्तों को इससे पूरी आशा हो गई थी कि उन्हें सजा से छुटकारा मिल जायेगा।
लेकिन अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट नरेंद्र कुमार ने आज जब फैसला सुनाया तो अभियुक्त पक्ष के होश उड़ गये। उन्होंने तीनों अभियुक्तों को सात-सात वर्ष कारावास और 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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