उरई। तहसील दिवस के पहले देर रात नये पुलिस अधीक्षक डाॅ. राकेश कुमार सिंह को चार्ज लेने के लिए जिले में आना पड़ा। इसके पहले ऊहापोह में घिरे निवर्तमान पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी सारे सोर्स बेकार चले जाने के बाद एडीशनल एसपी शकील अहमद को चार्ज सौंपकर कानपुर रवाना हो चुके थे। नये पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को कालपी में डीएम के साथ तहसील दिवस निपटाने के बाद जिला मुख्यालय पर आकर पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता की।
नये पुलिस अधीक्षक 2006 बैच के डायरेक्ट आईपीएस है। वे लखनऊ, वाराणसी और आगरा जैसे महानगरों में एसपी सिटी रहे। उन्हें पुलिस प्रमुख के रूप में इटावा और मथुरा में बतौर एसएसपी काम करने का अवसर मिला। इसीलिए उन्हें जालौन जनपद के एसपी बनने का कोई चार्म डीजीपी कार्यालय में संबद्ध होने के बावजूद नही था।
पहली पत्रकार वार्ता में ही पुलिस कप्तान को एहसास हो गया कि हाल के दिनों में सटटा का कोढ़ शहर की गली-गली में फैल गया है और पुलिस का आशीर्वाद सटोरियों के लिए टाॅनिक का काम कर रहा है। पत्रकारों ने जब चिल्ला-चिल्लाकर सटटा का बंद कर बर्बाद हो रहे गरीब परिवारों को बचाने की दुहाई दी तो नये कप्तान ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने साफ कहा कि सटटे को संरक्षण देने वाले खाकीधारी सलामत नही रहेंगे। उन्होंने जुआ के बढ़ते सीजनल प्रकोप, अवैध शराब के धंधे और महिलाओं के प्रति अपराधों को लेकर भी सख्त तेवर दिखाये। पत्रकार वार्ता काफी हंगामी रही। बाद में मगोड़ी के नाश्ते और मिठाई के पीस के साथ इसका सुकून भरा समापन हो गया।





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