उरई। गत् चुनाव में कालपी विधानसभा क्षेत्र में बसपा के प्रत्याशी रहे और जनपद के हैवीवेट युवा नेताओं मे शुमार संजय भदौरिया मंगलवार को ग्रास रूट लेविल के बसपा के दो सौ पदाधिकारियों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये। इस आमद ने राजनैतिक गलियारों में हलचलें तेज कर दी हैं। कालपी और माधौगढ़ में इस घटनाक्रम के चलते भाजपा का ग्राफ एकाएक काफी ऊपर चढ़ जाने का अनुमान है।
संजय भदौरिया को बसपा में पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी का नजदीकी माना जाता था। खाबरी के प्रति बसपा नेतृत्व की निगाह टेढ़ी होने का ही परिणाम था कि 2012 के विधानसभा चुनाव में खासा वोट बटोरने वाले संजय भदौरिया को निष्कासित करने का आत्मघाती कदम पार्टी उठा बैठी। फिर भी संजय भदौरिया को विश्वास था कि खाबरी के बारे में पार्टी नेतृत्व की गलतफहमियां दूर हो जायेगीं। इसके बाद बसपा में अपनी भी वापसी हो जाने की उम्मीद संजोये रहने की वजह से दूसरी पार्टियों से लंबे समय से मिल रहे आॅफर के बावजूद उन्होंने अभी तक कोई दूसरी पार्टी ज्वाइन नही की थी। लेकिन गत् दिनों जब खाबरी भी बसपा हाईकमान की रुसबाई से ऊब कर पार्टी छोड़ गये तो संजय का मोह बसपा से खत्म हो गया।
श्रीहरि होटल में भाजपा के जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल ने माला पहनाकर संजय की पार्टी में अगवानी की। इस अवसर पर माधौगढ़ क्षेत्र के पार्टी प्रभारी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह गुर्जर, माधौगढ़ क्षेत्र के प्रभारी डाॅ. दिलीप गुप्ता और क्षेत्रीय मंत्री नागेंद्र गुप्ता मौजूद थे।
इस अवसर पर संजय भदौरिया ने भी बसपा नेतृत्व की कारगुजारी का भंडाफोड़ करने के अंदाज में बताया कि बसपा में पार्टी के ही लोगों से पैसा वसूलने के अलावा दूसरा कोई काम नही होता। मायावती उनसे मुलाकात से लेकर टिकट देने तक में पैसे लेती हैं। यह रोग पूरी पार्टी में इस कदर फैल गया है कि उन्होंने जिनको जोनल मंडल काॅर्डिनेटर बनाया है वे भी पैसे से मुलाकात करते हैं। उन्होंने कहा कि इस घिनौने माहौल की वजह से बसपा का वजूद 2017 के चुनाव के बाद हमेशा के लिए मटियामेट हो जायेगा। संजय भदौरिया के साथ ही समाजवादी पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता और क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय राज ने भी आज भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।





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