उरई। जिले में आग्नेयास्त्रों के के्रज को भुनाने के लिए न केवल दलाली उद्योग फलफूल रहा है बल्कि जालसाज भी इसमें हाथ साफ करने से नही चूक रहे। गृहस्थी चलाने के लिए फैक्ट्रियों में गार्ड की नौकरी करने वाले एक बेचारे को जालसाज द्वारा बनवाये गये फर्जी लाइसेंस पर खरीदी गई बंदूक के साथ पुलिस ने अरेस्ट कर लिया।
कोतवाली क्षेत्र के विनौरा गांव का निवासी वीरपाल फैक्ट्री में गार्ड की नौकरी करता था। लेकिन उसे नही पता था कि उसका शस्त्र लाइसेंस फर्जी है। लेकिन एक जलने वाले को पता नही कैसे यह भनक लग गई कि उसने जिस लाइसेंस पर बंदूक खरीदी है वह किसी जालसाज द्वारा उसे बेवकूफ बनाकर उसका टीपा गया है।
इसी जलने वाले ने पुलिस से उसकी मुखबरी कर दी। इसके चलते एट थानाध्यक्ष बृजनेश कुमार व स्पेशल टाॅस्क प्रभारी मो. आरिफ ने उसकी दुनाली 12 बोर बंदूक के साथ उसे दबोच लिया। जांच में साबित हो गया कि उसका लाइसेंस फर्जी है।
वीरपाल ने इसे लेकर पुलिस को बताया है कि एक सरकारी दफ्तर के चपरासी ने अपने एक अंजान अंधे मित्र के साथ उससे लाइसेंस बनवाने के रुपये ले लिए थे। उसके पास कोई जीविका का साधन न होने से बंदूक होने पर गार्ड की नौकरी मिल जाने की आशा होने के कारण वह उनके चंगुल में फंस गया। लेकिन उन्होंने उसको फर्जी लाइसेंस टिपा दिया। वह इस पर बंदूक खरीदकर आराम से घर चला रहा था। उसे क्या पता था कि उस पर नौकरी के जरिये की वजह से कैसी मुसीबत टूटने वाली है।
पुलिस अधीक्षक डाॅ. राकेश कुमार सिंह ने इस गिरफ्तारी को पुलिस की शानदार कारगुजारी का एक नमूना बताते हुए ठगी के शिकार बेचारे को पकड़ने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया तांकि उन्हें इसी तरह अपनी कार्यकुशलता दिखाते रहने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।







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