जालौन-उरई। उपजिलाधिकारी द्वारा ग्राम हीरापुर व सिरसा कलार स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर संबंधित कार्यकत्रियों को फटकार भी लगाई।
उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव द्वारा तहसील क्षेत्र के ग्राम हीरापुर व सिरसा कलार स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सर्वप्रथम ग्राम हीरापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचे जहां बच्चों का वजन करने वाली मशीन खराब मिली। निरीक्षण में हौसला पोषण योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को दिया जाने वाला भोजन बनता हुआ नहीं मिला। जिस पर उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री को कड़ी फटकार लगाई तथा तत्काल सीडीपीओ को बुलाकर भोजन बनवाए जाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत उपजिलाधिकारी ग्राम सिरसा कलार में ग्राम पंचायत भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। जहां आंगनबाड़ी कार्यकत्री उपस्थित नहीं मिली। केंद्र पर कुपोषित बच्चों का मेनू भी लिखा हुआ नहीं मिला। केंद्र पर गर्भवती महिलाओं को भोजन नहीं कराया गया था। उपस्थित सहायिका ने बताया कि भोजन बन चुका है लेकिन वितरण नहीं हुआ है। जिस पर उपजिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं को समय पर भोजन दिए जाने के सख्त निर्देश देते हुए तत्काल गर्भवती महिलाओं को भोजन कराए जाने के लिए कहा। उपजिलाधिकारी ने सभी आंगनबाड़ी केंद्र संचालिकाओं को निर्देशित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समय से अपने-अपने केंद्र खोलें तथा हौसला पोषण योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं सहित अति कुपोषित बच्चों को समय से निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन व मौसमी फल आदि दें। इसमंे किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यकत्रियों ने बीएलओ ड्यूटी का शिकवा सुनाया
आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेखादेवी, आशा देवी, उर्मिला, ब्रह्मा देवी, उमा देवी आदि ने उपजिलाधिकारी से मिलकर बताया कि मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में बीएलओ के रूप में उनकी ड्यूटी लगाई गई है। जब कभी तहसील में बीएलओ की बैठक बुलाई जाती है तो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को केंद्र छोड़कर आना पड़ता है। ऐसे में विभागीय अधिकारी केंद्र पर पहुंचकर उन्हें परेशान करते हैं। कार्यत्रियों ने कहा कि जब कभी बीएलओ की बैठक बुलाई जाए तो उनके विभागीय अधिकारियों को भी सूचित किया जाए जिससे वह कार्यकत्रियों को अनावश्यक रूप से परेशान न करें।






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