उरई। पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी की ताजा राजनीतिक कलाबाजी के बारे में जानकर आप चैंक पड़ेगें। घनश्याम अनुरागी के खिलाफ जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष और सीएम अखिलेश यादव द्वारा की गई थी लेकिन इसमें आज तक सस्पेंस बरकरार था क्योंकि उन्हें निष्कासन करने का लेटर आज तक उनके पास नही पहुंच सका था। हालांकि अनुरागी ने भी अपने निष्कासन की खबर पर अभी तक चुप्पी बनाये रखी थी जिससे यह जाहिर था कि वे भी पार्टी में अपने इस दुर्दिन को स्वीकार कर रहे हैं। पर शनिवार को राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह के हवाले से प्रदेश सचिव वीरेंद्र सिंह यादव ने उन्हें पांच नवबंर को होने वाले समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह की तैयारी के लिए जालौन और हमीरपुर जिलों में पर्यवेक्षक का दायित्व सौंपने का लेटर जारी कर दिया।
इस तरह अनुरागी को एक बार फिर जिले की राजनीति की बागडोर सौंपे जाने का आभास पार्टी नेतृत्व ने कराया है। जबकि उनके निष्कासन को रदद करने का कोई पत्र इसके पहले जारी करने की आवश्यकता नही समझी गई है। घनश्याम अनुरागी इस पत्र के जारी करने के समय लखनऊ में ही मौजूद थे। बताया जाता है कि उन्होंने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर शिवपाल सिंह यादव द्वारा की गई बैठक में भी हिस्सा लिया था। उन्हें पार्टी की अहम जिम्मेदारी दी जाने के इस चैकाने वाले कदम के बाद जब अनुरागी से बात की गई तो उनका कहना था कि उनका निष्कासन हुआ कब था। निष्कासन होता तो उन्हें पत्र मिलता, लेकिन ऐसा कोई पत्र उन्हें नही दिया गया। इसलिए वे बदस्तूर पार्टी के काम में जुटे हुए हैं। नई जिम्मेदारी को उनके साथ पर्यवेक्षक नियुक्त हुए सुरेंद्र मोहन अग्रवाल व दीपक रंजन से संपर्क करके वे गंभीरता पूर्वक निभायेंगे। लखनऊ से लौटते ही इस बाबत जालौन और हमीरपुर के सपा जिलाध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों से तैयारी की प्रगति के बारे में चर्चा करूंगा और उनका हाथ बटाऊंगा।






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