जालौन-उरई। दीपावली के त्योहार पर खाद्य पदार्थों में जमकर मिलावट होने से कभी भी कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। इसके बाद भी खाद्य विभाग इस ओर अपना ध्यान आकर्षित नहीं कर रहा है। जिससे लोगों का जीवन खतरे में है।
दीपावली के अवसर पर मिलावटखोरों द्वारा बेचे जा रहे मिलावटी सामान आम आदमी खरीदने पर मजबूर है। ग्रामीण क्षेत्रों से नगर में आने वाले दूध में जमकर मिलावट हो रही है। रासायनिक पदार्थों की मिलावट से बनाया जा रहा दूध बच्चों के स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इसके अलावा देशी घी, हल्दी, धनिया मिर्च, सरसों का तेल, डालडा समेत तमाम अन्य खाद्य पदार्थ हैं जिनमें जमकर मिलावट हो रही है। खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट के कारण अनके प्रकार की बीमारियाँ फैल रही हैं। बढ़ती मांग के कारण अधिक कमाने के चक्कर में किराना व्यापारी, होटल संचालक आदि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने में लगे हुए हैं। खाद्य पदार्थों की मिलावट करने वाले दीपावली के त्योहार के समय मध्य प्रदेश से नदीगांव के रास्ते तथा बंगरा आदि होते हुए बड़ी आसानी से जनपद में माल ला रहे हैं। इतना ही नहीं खाद्य मसालों आदि में भी जमकर मिलावट की जा रही है। इस प्रकार के मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने वालों के शरीर में पहुंचकर धीमे जहर का काम कर रहे हैं। इस प्रकार के मिलावटी खाद्य पदार्थ उपभोक्ताओं को ब्लडप्रेशर, शुगर, खांसी, जुकाम, दमा जैसी घातक बीमारियां दीपावली के अवसर पर तोहफे के रूप में दे रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि दीपावली के अवसर पर बजारों में की जा रही जमकर मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ अभी तक खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने के चलते मिलावटखोरों के हौंसले बुलंद हैं। जिसके चलते वह लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं।







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