0 उचित दर विक्रेताओं ने गोदामों के बाहर किया प्रदर्शन
उरई। लंबे समय से राशन कोटेदारों को प्रदेश सरकार द्वारा लंबितभुगतान समय से न करने सहित अन्य मांगों को लेकर राशन खाद्यान्न के उठान का बहिष्कार करते हुये गोदामों के बाहर प्रदर्शन करते हुये लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठायी। इस दौरान फेयर प्राइस शाप डीलर्स एसोसियेशन के जिलाध्यक्ष व प्रदेश उपाध्यक्ष जयदेव सिंह यादव ने बताया कि उचित दर विक्रेताओं की समस्याओंएवं मांगों की पूर्ति न होने से जनपद के राशन खाद्यान्न विक्रेता खाद्यान्न का उठान का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगंे पूरी नहीं हो जाती खाद्यान्न उठान का बहिष्कार जारी रहेगा।
मालगोदामों के बाहर प्रदर्शन करते हुये राशन कोटेदारों का कहना था कि उन्होंने उक्त संबंध में एक पत्र मुख्यमंत्री को संबोधित भेजा था लेकिन उस पर प्रदेश सरकार द्वारा कोई निर्णय न लिये जाने से हम सभी आहत हैं। उन्होंने कहा कि उचित दर विक्रेताओं को लाभांश 70 रुपये प्रति कुंटल माह जून से सितंबर 2016 का भुगतान किया जाये। उचित दर विक्रेताओं को वर्ष 2005 से जून 2016 तकडोर स्टेप डिलेवरी का भुगतान 10 रुपये प्रति कुंटल किया जाये। उचित दर विक्रेताओं को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 से अवमुक्त रखा जाये। खाद्य सुरक्षा अधिनियम में एकल व्यवस्था व एक ही विभाग वितरण व सत्यापन कराया जाये। कई विभागों से सत्यापन कराने में शोषण की संभावना रहती है। निलंबित दुकानें बहाल कीजाये एवं राशन विक्रेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिये जाये। आधार कार्ड लिंक करने की व्यवस्था एवं कार्ड वितरण व्यवस्था से विक्रेताओं को दूर रखा जाये। सभी उचित दर विक्रेताओं को 25 हजार रुपये मानदेय दिया जाये व कमीशन झारखंड व छत्तीसगढ़ राज्य की तरह दिया जाये। उक्त सभी मांगों के पूरा न होने तक जनपद के सभी उचित दर विक्रेता 21 अक्टूबर से खाद्यान्न उठान का बहिष्कार करेंगे। जब तक विभागीय अधिकारियों द्वारा मांगें स्वीकार नहीं कर ली जाती तब तक खाद्यान्न का बहिष्कार चालू रहेगा। इस दौरान संरक्षक रमाकांत रावत, महेंद्र राव, श्यामकरन दुबे, चै. रामशंकर, संतोष यादव, सुशीलशर्मा उपस्थित रहे।







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