जालौन-उरई। कई गुटों में विभाजित बसपा को एक साथ जोड़ने तथा खाबरी समर्थकों को पार्टी में आस्था प्रकट करा कर तिलकचंद्र अहिरवार ने भारी भीड़ के साथ बसपा में नया संचार पैदा करके विरोधियों की चूलें हिलाईं। मुस्लिमों की भारी उपस्थिति में सपा की नींद उड़ी।
जनपद में कई में कई महीनों से बटी बहुजन समाज पार्टी को कमजोर होता देख बसपा हाई कमान ने कानपुर एवं बुंदेलखंड का कोआॅर्डिनेटर तिलकचंद्र अहिरवार को बनाकर पार्टी हित में कदम उठाया जिसको तिलकचंद्र अहिरवार के उरई, जालौन, मिझौना के आगमन के दौरान जिस प्रकार से कारों के काफिलों ने खाबरी के साले पूर्व ब्लाॅक प्रमुख पति श्रीपाल अहिरवार ने जानकी पैलेस के समीप कानपुर देहात अमरौधा के पूर्व पालिकाध्यक्ष जुनैद पहलवान हाईवे पर पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष मूलशरण कुशवाहा, पूर्व कोआॅर्डिनेटर कमल दोहरे ने अकोढ़ी में तथा मिझौना में हजारों की भीड़ ने दोनों हाथ उठाकर संकल्प लिया कि हम दल बदलुओं के नहीं बल्कि बहिनजी व बसपा के साथ है। तिलकचंद्र अहिरवार के अथक प्रयास से लोगों ने बसपा के प्रति आस्था प्रकट की और जिन लोगों ने खाबरी के कांग्रेस में शामिल होकर जनपद आगमन के दौरान जिंदाबाद के नारे लगाए थे वह भी बसपा जिंदाबाद के नारे लगाते नजर आए। वहीं, कुछ खाबरी समर्थक विभिन्न माध्यमों से कोआॅर्डिनेटर से संपर्क साधते नजर आए। तिलक के स्वागत में सैंकड़ों गाड़ियों के काफिलों एवं उमड़ी भीड़ ने बसपा की गुटबंदी को समाप्त करके सभी को एक धागे में पिरोने का काम किया। तिलक के काफिले में इस बार मुस्लिमों की संख्या ऐतिहासिक होने के कारण सपा की रातों की नींद हराम हो गई। जिसमें प्रमुख रूप से शाकिर हसन वारिसी, शोले माधौगढ़, शानू बजरिया, माजिद बजरिया, रिजवान, सफी, शफीक बरकाती, सादाब बजरिया, मुन्ना बजरिया, असलम पास कालपी, सलमान कालपी, मुस्तकीम प्रधान ऐरोली, अशरफ पठान कालपी, रहीश भाई कालपी के अलावा पंडित शीलू गौतम एट, राहुल तिवारी पिरौना, हेमंत कुशवाहा प्रधान निस्वा, हरगोविंद राजपूत प्रधान खरका, रामकुमार पाल, रविंद्र हरौली, रामकुमार गुप्ता जिला पंचायत सदस्य, जुम्मनखां मउरानीपुर, रमानंद, संजय गौतम, सचिन पलरा, शैलेंद्र शिरोमणि, हरीलाल चैधरी, मंगल सिंह अहिरवार असहित हजारों हजार लोग बसपा के काफिले में दीवानगी के साथ नजर आए।







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