लखनऊ। बाबा साहब अंबेडकर विश्वविद्यालय में पर्यावरण विभाग द्वारा ग्रीन कैंपस, क्लीन कैंपस के अभियान को चलाया गया जिससे विद्यालय परिसर का नजारा ही बदल गया है। विश्वविद्यालय में इस प्रयास से बने सुहावने माहौल के कारण छात्रों को काफी मदद मिली है। छात्रों का कहना है कि इससे पढ़ाई का माहौल बहुत बेहतर हो गया है।
सितंबर के पहले पखवारे को विभाग ने ग्रीन कैंपस, क्लीन कैंपस अभियान के रूप में मनाया। उस समय से विश्वविद्यालय में इस दिशा में लगातार गतिविधियां हो रही हैं। प्राध्यापकों और छात्रों ने इसे विश्वविद्यालयीन दिनचर्या के एक भाग के रूप में अपना लिया है। जिससे स्वच्छ पर्यावरण के मामले में विश्वविद्यालय उदाहरण के रूप में अग्रसर दिखने लगा है।
ग्रीन कैंपस, क्लीन कैंपस के तहत वाटर टेस्टिंग, वृक्षा रोपण, पोस्टर बनाओं प्रतियोगिता, जैविक कचरे के लिए उपयुक्त स्थानों पर कंपोस्टिंग किट लगाने, पूरे परिसर में कचरा बीनने जैसी गतिविधियों के जरिये भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान में सार्थक योगदान करने की कोशिश की गई। इन गतिविधियों ने पर्यावरण सुरक्षा को आदत के रूप में विश्वविद्यालय परिवार में ढाल दिया है। जिससे इस अभियान का अनवरत सिलसिला चल पड़ा है।
बाॅटेनिकल गार्डन से उपयोगी प्रजाति के पेड़ों का संरक्षण
बीबीयू के पर्यावरण विभाग के हैड नवीन अरोरा ने बताया कि विश्वविद्यालय में अनूठा बाॅटेनिकल गार्डन तैयार किया जा रहा है जिसमें विलुप्त होती जा रहीं बरगद, कदम्ब, अर्जुन, आंवला आदि प्रजातियों के पेड़ लगाकर उन्हें संरक्षित किया जायेगा। वृक्षारोपण को सार्थक बनाने के लिए हर प्राध्यापक ने एक-एक पौधे को गोद लिया है। उन्होंने पौधे की व्यवस्था अपने खर्चे पर की। इसके बाद वे व्यक्तिगत रूप से पौधे की परवरिश करेगें। इससे जितने भी पौधे लगाये गये हैं सभी के पूरी तरह पनपने और पल्लवित होने की आशा की जानी चाहिए।
उनके मुताबिक विश्वविद्यालय के कैंपस को पूरी तरह प्लास्टिक कचरा मुक्त कराया जा चुका है। छात्रों और प्राध्यापकों ने पूरे परिसर में एक-एक प्लास्टिक कचरा बीनने के लिए उत्साह के साथ श्रमदान किया। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक और पालीथिन के लिए अलग और सामान्य कचरे के लिए अलग डस्टबिन रखवाये जायेगें। विश्वविद्यालय परिसर के सभी आरओ प्लांट नये सिरे से प्रबंधित किये गये हैं जिससे छात्रों को साफ और शुद्ध पीने का पानी सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने छात्रों से स्वच्छ पर्यावरण के लिए अभिनव प्रोजेक्ट तैयार करने का आवाहन किया तांकि अभियान को और समृद्ध किया जा सके।





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