उरई। जिला अस्पताल के सीएमएस का अनूठा इंसाफ चर्चा का विषय बन गया है। इस इंसाफ के तहत खतावार डाॅक्टर की सजा मरीजो को देखकर उन्होंने नई नजीर कायम कर डाली।
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के इंचार्ज के रूप में डाॅ. गौरव द्विवेदी नियुक्त हैं जो प्रतिदिन झांसी से अपडाउन करते हैं। इसमें उनसे कोई दिन ऐसा नही जाता जब वे विलंब से न आयें। सीएमएस डाॅ. गजेंद्र कुमार निगम ने कई बार उन्हें समय से अस्पताल आने के लिए आगाह किया लेकिन उन्होंने आज तक कोई गौर नही किया है।
सोमवार को अपनी आदत के मुताबिक डाॅ. गौरव द्विवेदी काफी देर तक जब अस्पताल नही आये तो खफा सीएमएस ने उनके कक्ष में ताला जड़ दिया और चाबी लेकर झांसी चले गये जहां उनकी कोई मीटिंग थी।
सीएमएस के इस गुस्से से डाॅ. गौरव द्विवेदी पर तो कोई फर्क नही पड़ा। जब वे लेट आये तो अपना कक्ष बंद देखकर आराम से दूसरे कमरे में जाकर बैठ गये। लेकिन सीएमएस के गुस्से की पूरी सजा मरीजों को झेलनी पड़ी। मीडिया टीम जब जिला अस्पताल पहुंची तो अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर निशा पुत्री सोबरन निवासी मोहल्ला इंदिरा नगर, गुलशन पत्नी इमामी निवासी पड़ुरी, संतोषी पत्नी प्रेम सिंह निवासी कुसमिलिया, गुलशन पत्नी मोहर सिंह निवासी पटेल नगर मोहल्ला और सुधा पत्नी छत्रपाल सिंह निवासी खरूसा समेत दूर-दूर से आये कई मरीज बैठे हुए थे। उन्हें काफी देर तक तो बताया भी नही गया कि आज अल्ट्रासाउंड नही हो पायेगा। इसलिए वे वक्त बरबाद करने के बाद आखिर बैरंग वापस लौटने को मजबूर हो गये।





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