कोंच-उरई। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (एमएसडीपी) द्वारा हस्तगत धन से प्रस्तावित महिला आईटीआई की स्थापना के लिये पालिका जमीन नहीं उपलब्ध करा रही है। जिस जमीन को अधिग्रहीत करने के लिये प्रशासन ने पालिका को पत्र लिखा है उस संदर्भ में पालिका चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया ने साफ किया है कि उक्त जमीन पर महिला महाविद्यालय की स्थापना के लिये चार बर्ष पूर्व ही पालिका बोर्ड प्रस्ताव कर चुका है।
गौरतलब है कि एसडीएम मुईनुल इस्लाम ने जिलाधिकारी द्वारा भेजे गये पत्र की रोशनी में पालिका कोंच को पत्र लिख कर महिला आईटीआई की स्थापना के लिये पांच एकड़ जमीन की मांग गाटा संख्या 1490-2 में से की है। इस संबंध में आज पालिका चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया ने दो टूक कहा है कि उक्त भूखंड महिला आईटीआई के लिये देना कतई संभव नहीं है क्योंकि उक्त भूखंड पर महिला महाविद्यालय की स्थापना के लिये पालिका बोर्ड 26 दिसंबर 2012 की बैठक में प्रस्ताव पारित कर चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि एक आईटीआई यहां पहले से ही स्थापित है लिहाजा दूसरे का औचित्य समझ से परे है। हां, यदि वहां बनाना ही है तो राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना की जा सकती है जिसका लाभ यहां की उन छात्राओं को मिल सकेगा जो माध्यमिक कक्षायें उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा के लिये यहां वहां भटकती हैं और कई तो अपनी पढाई बीच में ही छोडने को मजबूर हो जाती हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पालिका द्वारा कमला नेहरू बालिका इंटर कॉलेज नगर में संचालित है, उसको ही उच्चीकृत किया जा सकता है। होर्डिंग्स के लिये शुल्क बसूलने की प्रक्रिया को लेकर पूछे गये एक सवाल पर विनीता ने कहा कि इसके लिये बोर्ड ने पालिकाध्यक्ष और ईओ को अधिकृत किया है कि जिले की अन्य नगर पालिकाओं का अध्ययन करके वहां निर्धारित शुल्क को आधार बना कर थोड़ा बहुत कम करके शुल्क आयद किया जा सकता है। इसके लिये स्थानों का चिन्हीकरण भी शुरू करा दिया गया है।





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