उरई। उद्यान मेंला के दूसरे दिन शाक-भाजी की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें सर्वश्रेष्ठ उत्पादन का प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत भी किया गया।
पुरस्कार प्राप्त करने वालों किसानों में मानसिंह राजपूत, लवनीश, सेवाराम, जगदेव प्रसाद, वीरेंद्र कुमार, लवनीश कुशवाहा, बृजमोहन, हेमंत तिवारी आदि शामिल हैं। इसके साथ ही संरक्षित खेती और बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों के साथ विशेषज्ञों की चर्चा भी आयोजित कराई गई। इसमें डाॅ. एनडी निरंजन ने बीजों के शोधन पर विस्तार से चर्चा की। डाॅ. साहब सिंह चैहान ने कृषकों को जैविक खाद के प्रयोग से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के बारे में बताया। जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने उद्यान विभाग की अनुदानित योजनाओं की जानकारी दी। परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कृषकों से अनुरोध किया कि वे अपनी फसलों के अवशेष जलाने से बचें। अवशेष को सड़ाकर कंपोस्ड खाद बनाये जिससे खेतों में जीवाश्म की मात्रा बढ़ सके।
भूमि संरक्षण अधिकारी इंद्रसेन, राजकीय पौधशाला के प्रभारी रामप्रसाद वर्मा, कृषि रक्षा अधिकारी रामऔतार और भूमि संरक्षण अधिकारी रामकिशोर भी उपस्थित रहे।





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