• नये सिपाहियों ने संभाला मोर्चा तब दबे जुआरी, पांच पकड़ में आये
    कोंच। जुआरियों की जुर्रत तो देखो कि जुआ पकडऩे गई पुलिस पर ही वे भारी पड़ गये और जम कर पुलिस के साथ मुंहनोंची की और पुलिस का इकबाल खिसकता नजर आया। वह तो नये सिपाहियों ने आगे बढ कर जब मोर्चा संभाला तब कहीं जाकर जुआरियों की हवा निकल सकी। फिलहाल, जुये के फड़ से पुलिस ने पांच जुआरियों को गिरफ्तार किया है जिन्हें बाद में मुचलके पर छोड़ दिया गया।
    दरअसल पुलिस और जुआरियों के बीच दुरभि संधि किसी से छिपी नहीं है, यही कारण है कि जुआरी बेखौफ होकर जुआ खेल रहे हैं और जगह जगह जुये के अड्डे कुकुरमुत्तों की तरह छाये हैं। कल शाम जिले के आला अधिकारियों से मिले निर्देशों के बाद कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और जुये के फाड़ों पर छापेमारी की जहां पुलिस को जुआरियों की दबंगई का सामना करना पड़ा और पुलिस को अपनी इज्जत बचाने के लाले पड़ गये। यहां कस्बे के मोहल्ला जयप्रकाश नगर के बंगला इलाके में लगे जुये के फड़ पर पुलिस ने छापा मारा तो अधिकांश जुआरी तो भाग गये लेकिन जो पकड़ में आये वे पलटवार पर आमादा दिखे और पुलिस बैकफुट पर। गनीमत यह रही कि कोतवाली में तैनात नये सिपाहियों ने जब मोर्चा संभाला तब कहीं जाकर पुलिस की इज्जत बच सकी और जुआरी कोतवाली तक आ सके। इस दौरान पांच जुआरी पकड़े गये जिनके पास से साढे चौदह सौ रुपये की बरामदगी दिखाई गई। इन जुआरियों में एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का नाम होना भी खासा चर्चाओं में रहा। दूसरी घटना कसाईमंडी इलाके की है जहां छापा डालने गई पुलिस को ही लोगों ने घेर लिया। बैकफुट पर यहां भी दिखी पुलिस और किसी तरह दो लोगों को कोतवाली तक इस शर्त के साथ लाया जा सका कि वहां जाकर छोड़ दिया जायेगा। बाद में हुआ भी ऐसा ही। टीम में एसएसआई अजयकुमार सिंह, दरोगा उदयपाल सिंह, सिपाही श्यामसुंदर, अनुजकुमार, शोयेब, खुर्शीद आदि शामिल रहे। बहरहाल, इन घटनाओं की तह में जाकर अगर गहराई से देखा जाये तो अपराधियों के साथ गठजोड़ के कारण पुलिस के इकबाल में कमी आई है और ऐसी स्थिति में लोगों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताना स्वाभाविक है।

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