03orai05उरई। ग्राम आटा में बुधवार को जन चैपाल आयोजित करने के लिए जिलाधिकारी संदीप कौर को आना था लेकिन शासन से अचानक वीडियो कांफ्रेसिंग की काॅल आ जाने की वजह से उन्हें मुख्यालय पर ही रुक जाना पड़ा। उनके प्रतिनिधि के रूप में जिला विकास अधिकारी आरएस गौतम ने जनचैपाल लगाई। आटा के साथ-साथ चमारी, अकोढ़ी, भदरेखी और उकासा में भी जनचैपाल का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. अशोक कुमार ने चैपाल में आटा में स्थाई प्रभारी चिकित्साधिकारी की नियुक्ति की मांग उठने पर बताया कि पहले ही डाॅ. संजीव कुमार की तैनाती यहां की जा चुकी है। ग्रामीणों ने ढीले विद्युत तारों की समस्या और अकोढ़ी से आटा मार्ग के निर्माण जैसी मांगे उठाईं।
इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं के बारे में लोगों को अवगत कराया। ग्रामीणों ने कहा कि योजनाएं तो अच्छी है लेकिन भ्रष्टाचार के कारण उनके लिए गूलर के फूल की तरह साबित हो रहीं हैं। ग्रामीणों ने बेबाक कहा कि जनचैपाल हो या तहसील दिवस सीनियर अधिकारियों के सामने शिकायत रखने की भी कोई सार्थकता नही है। सीनियर अधिकारी जांच की भूलभुलैया में भटका देते हैं। जिससे झूठी आशा बनी रहती है लेकिन सार्थक हल कभी नही निकलता। ग्रामीणों की इस खरी-खरी पर अधिकारी बगलें झांकते नजर आये।
जन चैपाल में समाज कल्याण अधिकारी जी.आर. प्रजापति, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. अशोक कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. एसके शाक्य, कदौरा के खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

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