03orai04उरई। 1952 में यूपी विधानसभा के पहली बार हुए चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चतुर्भुज शर्मा विजयी हुए थे। जानिये चतुर्भुज शर्मा के चुनाव प्रचार की मुख्य बातें-
– चतुर्भुज शर्मा का पूरे चुनाव में खर्चा आया था सिर्फ दो हजार रुपये।
– साधन के नाम पर चतुर्भुज शर्मा के पास केवल एक जीप रही थी। जिस पर वह खुद चलते थे। उनके समर्थक बैलगाड़ियों से जन संपर्क करने के लिए जाते थे और बैलों के चारे-पानी का इंतजाम खुद कांग्रेस कार्यकर्ता करते थे।
– पार्टी के लिए उस समय कार्यकर्ताओं में इतनी धुन सवार रहती थी कि वे कोसो पैदल चलकर प्रचार करने से भी नही हिचकते थे।
– चुनाव प्रचार करने वाले कार्यकर्ताओं के भोजन की चिंता भी चतुर्भुज शर्मा को नही करनी पड़ती थी। हालांकि उनके घर पर इस दौरान प्रतिदिन उन कार्यकर्ताओं के लिए भोजन बनता था जिनको रात में उनके यहां रुक जाना पड़ता था। लेकिन यह व्यवस्था 24-25 कार्यकर्ताओं भर के लिए ही की जाती थी। सैंकड़ो अन्य कार्यकर्ता या तो घर से पूड़ी बांधकर लाते थे या जिस गांव में उन्हें रात हो जाती थी वहां कांग्रेस पार्टी से जुड़े किसी जमीदार के घर उनके खाने का इंतजाम किया जाता था।
– चतुर्भुज शर्मा पहले चुनाव में केवल बड़े गांवों तक ही जनसंपर्क के लिए पहुंच पाये थे। उरई हो या किसी बड़े गांव में आयोजित होने वाला साप्ताहिक मेला ऐसे अवसर पर जनसंपर्क की व्यवस्था की जाती थी। लाउडस्पीकर से ऐलान हो जाता था कि शर्मा जी आने वाले हैं और लोग अपने आप जुट जाते थे।
– सभाओं के लिए भी साधन लगाकर भीड़ ढोने का रिवाज नही था। लाउडस्पीकर से सभा की खबर प्रसारित करा दी जाती थी जिसे सुनकर गांव-गांव से लोग अपनी व्यवस्था करके सभा सुनने के लिए जुट जाते थे।
(चतुर्भुज शर्मा की बहू इंदु शर्मा, यज्ञदत्त त्रिपाठी और रामकुमार दीवौलिया से बातचीत पर आधारित)

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