उरई। ताजिया गश्त के दौरान नीचे झूलते विद्युत तारों के करंट का शिकार होकर दम तोड़ने वाले चैरसी के नबाव खान के परिवार वाले दर-दर भटक रहे हैं लेकिन ऐसे मामलों में भी कफन खसोट कोतवाली पुलिस को भेंट पूजा करने की अपेक्षा करने में शर्म नही आयी।
नबाव खान का परिवार बेहद गरीब है। घर के कमाऊ सदस्य की मौत से परिवार बुरी तरह सांसत में आ गया है। हादसे के बाद बिजली विभाग से आक्रोशित लोग बड़ा बबाल न कर दें इसलिए एसडीएम और पुलिस के बड़े अफसर मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने नबाव के परिजनों से काफी हमदर्दी जताई थी।
लेकिन अपने ही अफसरों की नेकनीयती पर पानी फेरने में तत्कालीन लालची कोतवाल सुनील कुमार तिवारी को हिचक महसूस नही हुई। बिजली विभाग से इस मामले में क्षतिपूर्ति की चैक हासिल करने के लिए घटना की एफआईआर की नकल की जरूरत थी। इसलिए घरवालों ने तत्काल कोतवाली में तहरीर दे दी थी लेकिन एफआईआर दर्ज न करके सुनील तिवारी उन्हें टहला रहे थे तांकि वे उनका इशारा समझ जायें और उनको सुविधा शुल्क चाटने के लिए दे जायें।
परेशान और आहत घरवाले जब बहुत दुखी हो गये तो उन्होंने अपने कुछ जानने वालों से गुहार लगाई। इसके बाद उनकी बात एसपी राकेश कुमार सिंह तक पहुंचाई गई। एसपी को भी कोतवाली पुलिस के इस बर्ताव पर अंदर ही अंदर काफी रंज हुआ। अब उन्होंने तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के लिए सीओ सिटी को निर्देशित कर दिया है।






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