उरई। गोहन क्षेत्र में एक युवक का अपहरण कर फिरौती मांगे जाने की खबर से हड़कंप मच गया। लेकिन पुलिस ने जब गहराई से छानबीन की तो उजागर हुआ कि युवक ने खुद अपने अपहरण का स्वांग रचा था तांकि वह अपने पिता से रुपये ऐंठ सके।
गोहन थाने के शहबाजपुरा गांव के प्रधान चंद्रशेखर के पास उसके पुत्र इंदल (22वर्ष) का एसएमएस आया कि उसका अज्ञात बुलेरो सवार बदमाशों ने ईंटों से आते समय अपहरण कर लिया है। उसने अपने पिता से कहा कि वह फौरन उसके खाते में एक लाख रुपये डाल दें तांकि वह उनको पैसे देकर अपनी जान बचा सके।
हड़बड़ाये चंद्रशेखर ने गोहन थाने पहुंचकर पुलिस को यह सूचना दी तो हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस ने गहराई से छानबीन की तो घटना फर्जी साबित हुई। सीओ नवीन नायक ने बताया कि इंदल मंगलवार की शाम 5 बजे रोडवेज बस से दिल्ली के लिए निकला था। इस बस के कंडेक्टर का मोबाइल नंबर मालूम करके उससे बात की गई तो कंडेक्टर ने बताया कि उसने युवक को सुरक्षित नई दिल्ली में उतारा है। जबकि युवक ने यह कहानी गढ़ी कि वह प्रोग्राम बदल जाने की वजह से ईंटों में बस से उतर पड़ा था और पैदल गांव के लिए आते समय बुलेरो सवार बदमाशों ने उस पर हावी होकर उसे बंधक बना लिया।
सीओ ने बताया कि इंदल के परिजनों के सामने भी उसके झूठ बोलने की तस्वीर साफ हो चुकी है। जिसके बाद वे दिल्ली से उसे वापस लाने के लिए रवाना हो गये हैं।






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