0 श्री नवलकिशोर रामलीला महोत्सव का हुआ शुभारंभ
konch1कोंच-उरई। निछले चार दशक से मंचित हो आ रही बजरिया की श्री नवलकिशोर रामलीला का बीती रात गणेश पूजन के साथ शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि इलाकाई भाजपा सांसद भानुप्रताप वर्मा ने कहा कि राम का समूचा जीवन ही अनुकरणीय है, अगर हम उनके एक भी गुण को आत्मसात् कर सके तो हमारा मानव जीवन सार्थक हो जाये। उन्होंने कहा कि राम ने भगवान होते हुये भी एक साधारण मानव जीवन जिया और मनुष्य को आदर्श जीवन जीने की कला सिखाई। सांसद ने जोर देकर कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत रामलीला को न केवल आगे बढाते रहना चाहिये बल्कि अपनी संतति को उनके चरित्र के बारे में बताना चाहिये ताकि वह भी संस्कारवान बन कर इस देश और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझ सके।
उद्घाटन कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय आयाम स्थापित करने वाले कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज ने अपने ओजपूर्ण उद्बोधन में जिस तरह से कैकेयी के चरित्र को निष्कलंक बताया उससे दर्शक और श्रोता काफी अभिभूत हुये। उन्होंने कहा कि हम कैकेयी के अंधेरे पक्ष को देखने और समझने के आदी हो गये हैं लेकिन कैकेयी को यह आभास हो गया था कि राम केचल राजा बनने लायक नहीं हैं बल्कि उनमें भगवान बनने के सारे लक्षण विद्यमान हैं। उन्होंने खुद कलंक और वैधव्य धारण किया लेकिन राम के हाथों जगत का कल्याण करवाया और अधर्म पर धर्म की विजय कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया ने भी अपने उद्बोधन में राम और रामलीला को लेकर अपना बेजोड़ दर्शन दिया, कहा कि राम की लालाओं का प्रति वर्ष मंचन करने के बाद भी उनकी लीलायें हमेशा नवीनता लिये होती हैं और हमें रामत्व से परिचित कराती हैं। रामलीला विशेषज्ञ रमेश तिवारी ने राम को सच्चा समाजवादी निरुपित करते हुये कहा कि उन्होंने कोल, भील, वानर, रीछ जैसी उपेक्षित जातियों और प्रजातियों को संगठित कर त्रेता में ही यह संदेश दे दिया था कि वे कमजोरों और तिरस्कृत लोगों के साथ हैं। इससे पूर्व रामलीला समिति के अध्यक्ष शशांकमोहन श्रीवास्तव, मंत्री अनूप शुक्ला, उपाध्यक्ष जयेन्द्र सोनी, उपमंत्री शिवांग दुवे, सुमित रिछारिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया। आभार सोहन वाजपेयी ने ज्ञापित किया। इस दौरान पूर्व बारसंघ अध्यक्ष ओमशंकर अग्रवाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अवध शर्मा बब्बा, रामकुमार गुप्ता, रामप्रकाश यादव, अनुरुद्घ मिश्रा, चंदन यादव, सुरेश यादव, प्रमोद नगरिया, लला वाजपेयी, महावीरशरण आचार्य, पिंकेश शुक्ला आदि मौजूद रहे।

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