उरई,  : विकास भवन सभागार में सांसद भानु प्रताप वर्मा की अध्यक्षता में हुई जिला विकास समन्वय एंव निगरानी समिति की बैठक में जन प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनवाई गयी सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठाये। सड़कों का मुद्दा बैठक में प्रमुख रहा। पिछली बैठक की आख्या न देने वाले एक दर्जन अधिकारियों का वेतन सीडीओ ने रोक दिया। साथ ही अधिकारियों को चेतावनी दी गयी कि विकास कार्यों के मामले में लापरवाही ठीक नहीं है। कठोर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाये।

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शनिवार को हुई बैठक में माधौगढ़ विधायक संतराम कुशवाहा, एमएलसी प्रतिनिधि भगवान दास त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनवाई गयी सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सड़कें बनते ही उखड़ रही हैं। बंगरा नावली मार्ग सहित कई सड़कों की यही हालत है। इस पर सहायक अभियंता प्रमोद कुमार से जानकारी मांगी गयी तो वह किसी भी सवाल का सही जवाब नहीं दे पाये। इस पर सीडीओ ने कड़ी फटकार लगाई और कहा कि पिछली बैठक की अनुपालन आख्या तक नहीं भेजी गयी। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत जितनी सड़कें बनवाई गयी हैं उनकी सूची भी जन प्रतिनिधियों को नहीं भेजी गयी। सांसद ने कहा कि उनको सड़कें दिखाई तक नहीं गयीं हैं। उन्होंने कहा कि पीएमएसवाई सड़कों की जांच कराई जायेगी। जन प्रतिनिधियों ने उरई से कोंच सड़क का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सड़क बेहद खराब हालत में है। हरदोई से धंतौली, घनौरा मार्ग और उरई कोंच मार्ग के लिए बीते वर्ष लगभग 90 लाख रुपये मिले थे लेकिन सड़कों में सुधार नहीं हो पाया है। प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता पीएन श्रीवास्तव ने बताया कि काम तो कराया गया था लेकिन बारिश की वजह से सड़कें फिर खराब हो गयीं। अब उरई कोंच मार्ग का निर्माण जल्दी हो जायेगा। कुछ पैसा मिल भी गया है। इस पर जन प्रतिनिधियों ने कहा कि मरम्मत के लिए मिले पैसा का क्या हुआ। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। सांसद ने कहा कि जांच की जरूरत नहीं है बल्कि शासन को सीधे रिपोर्ट भेजी जाये। सीडीओ ने निर्देश दिए कि जितनी भी सड़कों का निर्माण हुआ है उनकी सूची जन प्रतिनिधियों की दी जाये। खंड प्रथम के अधिशाषी अभियंता बनवारी लाल से जानकारी मांगी गयी तो उन्होंने सड़कों की पूरी जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दी। हालांकि उनका काम ठीक पाया गया। किसी भी सदस्य ने कोई सवाल नहीं किया। कालपी विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र सरसेला ने कहा कि आटा चुर्खी मार्ग की हालत खराब है। अधिशाषी अभियंता एसपी ओझा ने कहा कि कुछ समय लगेगा। सड़कों की हालत ठीक हो जायेगी। उन्होंने कई सड़कें नई बनवाई भी गयीं हैं। उनसे भी सड़कों की सूची मांगी गयी। इस मौके पर परियोजना निदेशक डीआरडीए चित्रसेन ¨सह, जिला विकास अधिकारी आरएस गौतम, अशोक द्विवेदी, राम प्रकाश मुखिया, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय, अधिशाषी अभियंता बेतवा नहर द्वितीय राकेश कुमार वर्मा, डीसी मनरेगा पीएस चंद्रौल, ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष अमित द्विवेदी, अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका र¨वद्र कुमार सहित कई विभागों के अधिकारी व समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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बिजली विभाग को फटकारा

बैठक में सांसद भानुप्रताप वर्मा ने कहा कि बिजली विभाग के रवैये के कारण विद्युत व्यवस्था लचर हालत में है। कई बार कहा जा चुका है कि जर्जर बिजली की लाइनें बदली जायें लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गयी। इस तरह की लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। रोज फाल्ट होते हैं जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है।

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पूर्ण योजनाओं का लोकार्पण करायें

सीडीओ ने बैठक में अधिकारियों से जानकारी मांगी कि कितनी पूर्ण योजनाओं का लोकार्पण करा दिया गया है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि आदेश मिले हैं कि किसी मंत्री के द्वारा ही लोकार्पण कराया जाये। इस पर समिति के सदस्यों ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर कोई मंत्री लोकार्पण करने नहीं आ पाता है तो लोकार्पण नहीं होगा। किसी भी जनप्रतिनिधि से लोकार्पण कराया जा सकता है।

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जल निगम से रिकवरी के निर्देश

बैठक में जल निगम के अधिशाषी अभियंता से कोटरा पेयजल योजना के बारे में जानकारी मांगी गयी। इस पर बताया गया कि नलकूप की खुदाई में 15 लाख रुपये व्यय किये गये हैं। वहां पर नलकूप नहीं लगाया जा सका है। फिर बची हुई धनराशि को दूसरे मद में व्यय करने की व्यवस्था की गयी है। इस पर सीडीओ ने कहा कि 15 लाख रुपये खराब कर दिए गये। इसके बाद पेयजल योजना को स्थापित करने के प्रयास नहीं किये गये हैं। जो पैसा व्यय किया गया है उसकी रिकवरी विभाग से ही कराई जायेगी।

 

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